Zoho Founder AI Data : Zoho के फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने इसे लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ऐसी जानकारी साझा करने से कंपनियों के Trade Secrets और Intellectual Property (IP) खतरे में पड़ सकते हैं। वेम्बु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Fields Medal विजेता गणितज्ञ Terence Tao की पोस्ट साझा की। Tao ने चिंता जताई कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण शोधकर्ता नए और अहम विचार खुलकर साझा करना बंद कर सकते हैं।
श्रीधर वेम्बु की बड़ी चेतावनी, AI कंपनियों को संवेदनशील डेटा देने से पहले कंपनियां सौ बार सोचें और सावधान रहें
AI के साथ जानकारी साझा करने पर सावधानी जरूरी
Terence Tao के मुताबिक, मौजूदा हालात शोधकर्ताओं को नई रिसर्च के विचार व्यापक समुदाय के साथ साझा करने से रोक सकते हैं। इससे सदियों पुरानी Open Science की परंपरा को नुकसान पहुंचने का खतरा है। वेम्बु ने कहा कि यह चिंता केवल वैज्ञानिकों और गणितज्ञों तक सीमित नहीं है। जिन कंपनियों के पास खास कारोबारी जानकारी, तकनीकी ज्ञान और व्यापारिक रहस्य हैं, उन्हें भी Frontier AI Labs के साथ डेटा साझा करते समय सावधान रहना चाहिए।
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कंपनियों के लिए अपना AI मॉडल क्यों जरूरी?
वेम्बु ने Pharmaceutical Industry का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, कई बड़ी दवा कंपनियां पहले से अपने AI मॉडल बना रही हैं। इनमें कई मॉडल Open-Source Models पर आधारित हैं। इस तरीके से कंपनियां AI का इस्तेमाल करते हुए नई दवाओं के Molecules और उनसे जुड़े Processes जैसी संवेदनशील जानकारी अपने सिस्टम में रख सकती हैं। इससे अहम कारोबारी जानकारी बाहर जाने का खतरा कम होता है।
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AI मॉडल बनाना अब पहले से आसान
वेम्बु का कहना है कि कंपनियों को AI सिस्टम बनाने के लिए हमेशा बड़ी AI Labs पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। AI Models अब ट्रेन करना आसान और चलाना सस्ता हो रहा है। उनके मुताबिक, कंपनियों का जरूरी Know-how उनके अपने AI Model में रहना चाहिए। अभी कंपनियों और शोधकर्ताओं के बीच निजी जानकारी को AI Tools के साथ साझा करने को लेकर चिंता बढ़ रही है।
