सैम ऑल्टमैन का दावा, OpenAI को AI के लिए नहीं चाहिए सरकारी मदद

8 mins read
996 views
November 7, 2025

OpenAI CEO Sam Altman Statement: OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने साफ किया है कि कंपनी को अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किसी तरह की सरकारी गारंटी की जरूरत नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कंपनी की CFO सारा फ्रायर ने संकेत दिया था कि अमेरिका सरकार निवेश में मदद कर सकती है।

CEO सैम ऑल्टमैन का बयान: कंपनी को AI प्रोजेक्ट्स के लिए किसी सरकारी गारंटी की जरूरत नहीं, खुद संभालेगी निवेश और तेजी से बढ़ रही है।

सरकार की गारंटी पर CEO का स्पष्ट जवाब

ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हमारे पास कोई सरकारी गारंटी नहीं है और हमें इसकी जरूरत भी नहीं है। टैक्सपेयर्स को ऐसी कंपनियों को बचाने के लिए पैसा नहीं देना चाहिए जो अपने व्यापारिक निर्णयों में असफल होती हैं या बाजार में हारे। उन्होंने साफ किया है कि OpenAI ने केवल अमेरिका में सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां बनाने के लिए लोन गारंटीज के बारे में बातचीत की है। अमेरिका के चिप्स एक्ट में 39 बिलियन डॉलर के ग्रांट, 75 बिलियन डॉलर के लोन और लोन गारंटीज, 25% टैक्स क्रेडिट्स का प्रावधान है। ऑल्टमैन ने आगे कहा कि हमने औपचारिक रूप से आवेदन नहीं किया।

https://twitter.com/sama/status/1986514377470845007

OpenAI का बड़ा निवेश

OpenAI अगले 8 साल में डेटा सेंटर्स और चिप्स पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है। इस निवेश का मकसद अधिक एडवांस AI  सिस्टम बनाना और तकनीक को व्यापक रूप से अपनाना है। इतने बड़े निवेश ने AI बुलबुले की संभावनाओं पर भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि OpenAI अभी भी लाभकारी व्यवसाय नहीं है।

CFO सारा फ्रायर की टिप्पणियां

सारा फ्रायर ने कहा कि OpenAI अपने महत्वाकांक्षी निवेशों के लिए बैंकों और प्राइवेट इक्विटी के इकोसिस्टम पर भरोसा कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार की कुछ भूमिका हो सकती है, जैसे वित्त पोषण के लिए गारंटी देना। हालांकि, उन्होंने विस्तार से नहीं बताया कि यह कैसे होगा।

इन टिप्पणियों के बाद उद्योग विशेषज्ञों का ध्यान खींचा गया। व्हाइट हाउस के AI और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स ने कहा कि AI के लिए कोई संघीय बायलआउट नहीं होगा। अगर एक कंपनी फेल होती है, तो अन्य कंपनियां इसे पूरा कर देंगी।

OpenAI के प्रवक्ता ने भी स्पष्ट किया कि कंपनी फिलहाल सरकारी बैकस्टॉप योजना नहीं बना रही है। फ्रायर ने बाद में एक पोस्ट में कहा कि हम अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रतिबद्धताओं के लिए सरकार से कोई बैकस्टॉप नहीं मांग रहे हैं।

READ MORE: AI और फ्यूचर जॉब को लेकर ये क्या बोल गए सैम ऑल्टमैन?

सरकार अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकती है

ऑल्टमैन ने सुझाव दिया कि सरकार सार्वजनिक हित के लिए अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकती है। इसमें बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता का इस्तेमाल और निवेश की लागत को कम करना शामिल हो सकता है। हालांकि, उन्होंने विस्तार से नहीं बताया कि यह कैसे होगा।

READ MORE: White House में सैम ऑल्टमैन का बड़ा ऐलान, मेलानिया भी हुईं खुश!

OpenAI की भविष्य की योजना

ऑल्टमैन ने कहा कि OpenAI का व्यवसाय इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि यह निवेश को संभाल सकता है। कंपनी इस साल के अंत तक 20 बिलियन डॉलर का वार्षिक राजस्व की उम्मीद कर रही है और 2030 तक इसे सैकड़ों अरब डॉलर तक बढ़ने की संभावना है। हम अगले 8 साल में लगभग 1.4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश करने वाले हैं। यह लगातार राजस्व वृद्धि की मांग करता है और इसे दोगुना करना बहुत मेहनत का काम है, लेकिन हम अपनी संभावनाओं को लेकर आशान्वित हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Previous Story

Google Gemini AI का Deep Research हुआ और भी पावरफुल

भारत में स्मार्टफोन हुए महंगे! 2000 रुपए तक बढ़ गई कीमत, आगे और लगेगा झटका
Next Story

भारत में स्मार्टफोन हुए महंगे! 2000 रुपए तक बढ़ गई कीमत, आगे और लगेगा झटका

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss