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AI और क्रिएटिव दुनिया: क्रिएटर्स ने बनाई नई Coalition, नियमों की मांग तेज

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December 17, 2025

Ethical AI: फिल्म, टीवी, डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन कंटेंट की दुनिया में AI को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच एक्टर्स, फिल्ममेकर्स, राइटर्स और टेक्नोलॉजिस्ट्स ने मिलकर एक नया इंडस्ट्री ग्रुप बनाया है, जिसका नाम Creators Coalition on AI है। इस Coalition का मकसद यह तय करना है कि क्रिएटिव काम के लिए AI को कैसे ट्रेन किया जाए और उसका इस्तेमाल किस तरह जिम्मेदारी के साथ हो।

इस पहल की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब एंटरटेनमेंट और डिजिटल मीडिया में जनरेटिव AI के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर डर, नाराजगी और असमंजस का माहौल है। पिछले कुछ सालों में AI को लेकर हड़तालें, कानूनी मामले और कॉपीराइट से जुड़े विवाद सामने आ चुके हैं। Coalition का कहना है कि वह ऐसे स्पष्ट और लागू किए जा सकने वाले नियमों के लिए दबाव बनाएगा, जो क्रिएटर्स के अधिकारों की रक्षा करें और साथ ही जिम्मेदार इनोवेशन को भी बढ़ावा दें।

हॉलीवुड से लेकर डिजिटल क्रिएटर्स तक, AI के गलत इस्तेमाल के खिलाफ एकजुट हुए कलाकार, नई Creators Coalition on AI जिम्मेदार इनोवेशन और क्रिएटर्स की सुरक्षा पर जोर दे रही है।

जिम्मेदार AI स्टैंडर्ड पर जोर

Creators Coalition on AI खुद को एक क्रॉस इंडस्ट्री पहल बताती है, न कि कोई लेबर यूनियन। इसका लक्ष्य ऐसे स्वैच्छिक स्टैंडर्ड तैयार करना है, जो कंपनियों की वर्क स्टाइल, भविष्य के कानूनों और पॉलिसी बनाने में मदद करें। Coalition का आरोप है कि कई AI कंपनियां बहुत तेजी से नई तकनीकें लागू कर रही हैं और ऐसे समझौते कर रही हैं, जिनमें उन क्रिएटर्स की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिनके काम से AI सिस्टम तैयार किए गए हैं।

एक्टर और इस Coalition के सह संस्थापक जोसेफ गॉर्डन और लेविट ने साफ कहा कि समस्या खुद तकनीक नहीं है, बल्कि उसका गलत और बिना नियमों वाला इस्तेमाल है। उनके मुताबिक, अगर सही बिजनेस प्रैक्टिस और नैतिक नियम हों, तो जनरेटिव AI रचनात्मक और उपयोगी साबित हो सकता है, लेकिन नियमों के बिना, क्रिएटर्स अपनी आवाज, परफॉर्मेंस और कमाई पर कंट्रोल खो सकते हैं।

सिर्फ हॉलीवुड नहीं, पूरी क्रिएटर इकॉनमी पर असर

यह Coalition केवल फिल्म और टीवी इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है। गॉर्डन-लेविट का कहना है कि AI का असर पूरी क्रिएटर इकॉनमी पर पड़ रहा है। इसमें यूट्यूबर्स, पॉडकास्टर्स, लेखक और इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट भी शामिल हैं। जब किसी का कंटेंट बिना अनुमति या भुगतान के इस्तेमाल किया जाता है, तो नुकसान सभी क्रिएटिव प्रोफेशनल्स को होता है।

AI के गलत इस्तेमाल का मुद्दा 2023 में तब और गंभीर हो गया था, जब SAG-AFTRA और Writers Guild of America ने हड़ताल की थी। इसके बाद कई अमेरिकी राज्यों ने AI से जुड़े कानून बनाए, हालांकि अब उन पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी सरकार एक नेशनल फ्रेमवर्क पर विचार कर रही है।

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बड़े नामों का समर्थन, लंबी लड़ाई की तैयारी

इस Coalition को फिल्म Everything Everywhere All at Once के निर्देशक डैनियल क्वान से प्रेरणा मिली। इसके अन्य संस्थापकों में नताशा लियोन, डेविड गोयर, रंदीमा फर्नांडो और डॉन नकागावा शामिल हैं। कोएलिशन के खुले पत्र पर अब तक 500 से ज्यादा क्रिएटर्स हस्ताक्षर कर चुके हैं।

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नैटली पोर्टमैन, केट ब्लैंचेट, बेन एफ्लेक, गिलर्मो डेल टोरो, एवा डुवर्ने और ताइका वेटिटी जैसे बड़े नाम भी इसका समर्थन कर रहे हैं। जोसेफ गॉर्डन-लेविट के मुताबिक, यह Coalition सामाजिक दबाव, सामूहिक आवाज और जरूरत पड़ने पर कानूनी व पॉलिसी एक्शन का रास्ता अपनाएगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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