Jio यूजर्स को 18 महीने Free मिलेगा AI Pro, जानें कैसे

6 mins read
423 views
Jio यूजर्स को 18 महीने Free मिलेगा AI Pro, जानें कैसे
October 31, 2025

Jio Google AI Pro : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी रिलायंस इंटेलिजेंस लिमिटेड के माध्यम से Google के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में AI को आम लोगों और व्यवसायों तक पहुंचाना है। इस साझेदारी में Reliance का बड़ा नेटवर्क और Google की AI तकनीक मिलकर भारत में AI को सभी के लिए आसान और सुलभ बनाएगी। इसे Reliance की ‘AI for All’ योजना के तहत देखा जा रहा है।

Reliance और Google की साझेदारी से भारत डिजिटल और AI-सक्षम बनेगा, Jio यूजर्स को 18 महीने का मुफ्त AI Pro मिलेगा।

Jio यूजर्स के लिए 18 महीने का मुफ्त AI Pro

इस योजना के तहत Jio यूजर्स को Google AI Pro का 18 महीने तक मुफ्त उपयोग मिलेगा। इसका मूल्य प्रति यूजर्स लगभग 35,100 है।

  • Google Gemini 2.5 Pro मॉडल का इस्तेमाल
  • Nano Banana और Veo 3.1 के जरिए इमेज और वीडियो निर्माण
  • Notebook LM के उन्नत फीचर्स रिसर्च और अध्ययन के लिए
  • 2 TB क्लाउड स्टोरेज

पहले यह ऑफर 18-25 साल के Jio सब्सक्राइबर और 5G अनलिमिटेड प्लान यूजर्स के लिए लागू होगा। फिर धीरे-धीरे इसे पूरे देश में सभी यूजर्स तक बढ़ाया जाएगा। यह कदम भारत को डिजिटल ताकत बनाने की दिशा में Reliance की कोशिशों को मजबूत करता है।

AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना

Reliance, Google Cloud के साथ मिलकर Tensor Processing Unit (TPU) जैसी हाई-एंड AI मशीनों तक पहुंच बढ़ा रहा है। ये उपकरण AI मॉडल को तेज और ऊर्जा-कुशल तरीके से चलाने में मदद करते हैं। साथ ही, Reliance स्वदेशी और स्वच्छ ऊर्जा वाले कंप्यूटर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह पहल भारत को वैश्विक AI सुपरपावर बनाने के विजन के अनुरूप है और उद्योगों में नवाचार को बढ़ावा देगी।

READ MORE: कौन बनेगा इंटरनेट का बादशाह: Jio या Starlink किसका प्लान है आपके लिए सस्ता?

Gemini Enterprise के जरिए एंटरप्राइज AI

रिलायंस इंटेलिजेंस इस साझेदारी के तहत Google Cloud का प्रमुख पार्टनर होगा और भारतीय कंपनियों में Gemini Enterprise प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल बढ़ाएगा। Gemini Enterprise एक AI प्लेटफॉर्म है, जो कंपनियों को AI एजेंट्स को रोजमर्रा के काम में इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। कंपनियां इसके जरिए AI एजेंट्स बना सकती हैं, शेयर कर सकती हैं और सुरक्षित रूप से चला सकती हैं।

रिलायंस इंटेलिजेंस के पास तैयार-निर्मित एंटरप्राइज AI एजेंट्स भी होंगे, जिससे भारतीय कंपनियों के लिए और विकल्प उपलब्ध होंगे। यह उद्योगों में AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा।

READ MORE:  सिर्फ इन यूजर्स के लिए JIO लाया 51 रुपये वाला प्लान

नेताओं के विचार

Reliance के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि हम Google के साथ इस साझेदारी से भारत को न केवल AI-सक्षम बल्कि AI-शक्तिशाली बनाना चाहते हैं। वहीं, Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि यह साझेदारी हमारे साझा विजन को AI युग में ले जाती है और भारत में उन्नत AI टूल्स की पहुंच बढ़ाती है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

Apple ने बनाया नया रेवेन्यू रिकॉर्ड, भारत बना ग्रोथ इंजन

गजबे है भाई... YouTube नौकरी के लिए नहीं, छोड़ने के लिए दे रहा मोटा पैकेज... वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान
Next Story

गजबे है भाई… YouTube नौकरी के लिए नहीं, छोड़ने के लिए दे रहा मोटा पैकेज… वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

Latest from Artificial Intelligence

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss