Robotic electronic skin: तकनीक की दुनिया में वैज्ञानिकों ने गजब का प्रयोग कर दिखाया है। जिससे रोबोटिक्स के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है। दरअसल, चीन के वैज्ञानिकों ने ऐसी इलेक्ट्रॉनिक स्किन तैयार की है। जिससे Robot सिर्फ छूने का अहसास ही नहीं करेंगे, बल्कि खतरे को समझकर इंसानों की तरह तुरंत प्रतिक्रिया भी दे पाएंगे। यह तकनीक Humanoid Robot को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और स्मार्ट बना सकती है। तो आइए जानतें हैं इसके बारें में विस्तार से।
रोबोट को भी होगा दर्द का एहसास! चीन की नई e-skin खतरा आते ही CPU को बायपास कर तुरंत एक्शन लेती है।
इंसानी नर्वस सिस्टम जैसा रिफ्लेक्स
आपने गौर किया होगा जब इंसान किसी गर्म, तेज या नुकीली चीज को छूता है, तो दिमाग से पहले शरीर प्रतिक्रिया देता है। नसें सीधे रीढ़ की हड्डी तक संकेत भेजती हैं और हाथ तुरंत पीछे खिंच जाता है। रिपोर्ट की माने तो Robot अब तक इस क्षमता से वंचित था। सेंसर से जानकारी CPU तक पहुंचने में समय लगने के वजह से प्रतिक्रिया देने में देर हो जाती थी। नई Neuromorphic e-skin इस कमी को दूर करती है और रोबोट को रिफ्लेक्स एक्शन की ताकत देती है।
क्या है न्यूरोमॉर्फिक रोबोटिक e-skin
रिपोर्ट के मुताबिक इस खास इलेक्ट्रॉनिक स्किन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह इंसानी त्वचा और नसों की तरह काम करे। यह स्किन रोबोट के शरीर पर लगते ही उसे छूने, दबाव और नुकसान का एहसास दिलाती है। जैसे ही कोई खतरनाक चीज संपर्क में आती है, यह स्किन खुद ही हालात को समझ लेती है और बिना देरी के प्रतिक्रिया शुरू कर देती है।
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चार लेयर में छुपी है स्मार्ट तकनीक
रिपोर्ट में यह भी जानकारी दी गई है कि यह Robotic Skin स्किन चार परतों से बनी होती है। सबसे ऊपर की परत इंसानी त्वचा की तरह सुरक्षा देती है। अंदर की परतों में Micro Sensor और सर्किट लगे होते हैं, जो नसों का काम करते हैं। खास बात यह है कि यह स्किन लगातार Robotic के सिस्टम को हल्के इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजती रहती है। अगर स्किन कहीं से कट जाए या खराब हो जाए, तो सिग्नल रुक जाते हैं और रोबोट तुरंत समझ जाता है कि उसे नुकसान पहुंचा है और वह जगह कौन-सी है।
पुराने सेंसर से क्यों अलग है यह स्किन
अब तक इस्तेमाल होने वाली Robotics स्किन या सेंसर सिर्फ इतना बता पाते थे कि संपर्क हुआ है या नहीं। वे खतरे की गंभीरता को नहीं समझ पाते थे। लेकिन नई न्यूरोमॉर्फिक e-skin संपर्क की प्रकृति को भी पहचानती है। यह तय कर सकती है कि छूना सामान्य है या खतरनाक। यह ठीक उसी तरह काम करती है, जैसे इंसानी दिमाग स्पर्श की जानकारी को प्रोसेस करता है।
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दिमाग को बायपास कर सीधी कार्रवाई
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत इसका डायरेक्ट रिस्पॉन्स सिस्टम है। जब दबाव सामान्य होता है, तो जानकारी प्रोसेसर तक जाती है। लेकिन जैसे ही दबाव खतरनाक सीमा पार करता है, स्किन हाई-वोल्टेज सिग्नल सीधे रोबोट के मोटर्स तक भेज देती है। इससे CPU को बायपास कर तुरंत एक्शन लिया जाता है, जैसे हाथ या पैर को तेजी से पीछे हटा लेना।
खुद ठीक होने की भी क्षमता
इस रोबोटिक स्किन को मॉड्यूलर तरीके से बनाया गया है। यह चुंबकीय पैच में आती है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर कुछ ही सेकंड में बदला जा सकता है। यानी अगर स्किन का कोई हिस्सा खराब हो जाए, तो पूरी स्किन बदलने की जरूरत नहीं होगी। इससे मेंटेनेंस आसान और तेज हो जाएगा।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह नई e-skin रोबोट को अपने आसपास के माहौल को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी और इंसानों के साथ काम करना ज्यादा सुरक्षित बनाएगी।
