15 सेकंड में दिल की 3 गंभीर बीमारियों का पता लगाए AI स्टेथोस्कोप

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December 4, 2025

AI Medical Innovation: हर दिन AI के क्षेत्र में नई खोजें और डेवलपमेंट देखने को मिल रहे हैं। जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ रही है, लोगों का AI पर भरोसा भी बढ़ता जा रहा है। यह भरोसा अब केवल सामान्य कामों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल और हेल्थकेयर जैसे गंभीर क्षेत्रों तक पहुँच चुका है। अब डॉक्टरों का सबसे भरोसेमंद उपकरण स्टेथोस्कोप भी AI के साथ स्मार्ट बन चुका है।

AI-enabled स्टेथोस्कोप से स्वास्थ्य क्रांति! यह स्मार्ट डिवाइस केवल 15 सेकंड में हृदय गति रुकने, एट्रियल फाइब्रिलेशन और वाल्व रोग का पता लगा सकता है।

AI स्टेथोस्कोप का निर्माण अमेरिकी कंपनी Eko Health ने किया है। इसे इम्पीरियल कॉलेज लंदन और इम्पीरियल कॉलेज हेल्थकेयर NHS ट्रस्ट के रिसर्चरों ने टेस्ट किया है। इस स्टेथोस्कोप की खासियत यह है कि यह केवल 15 सेकंड में हार्ट से जुड़ी तीन गंभीर बीमारियों का पता लगा सकता है।

छोटे-छोटे बदलाव को भी पकड़ता है

यह डिवाइस माइक्रोफोन के माध्यम से दिल की धड़कनों और रक्त प्रवाह में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव को भी पकड़ लेता है। इसके साथ ही यह त्वरित ECG रिकॉर्डिंग भी कर सकता है। डेटा क्लाउड पर अपलोड होता है, जहां AI एल्गोरिदम उसका विश्लेषण करता है। कुछ ही सेकंड में यह सिस्टम यह बता देता है कि मरीज को हृदय गति रुकने, एट्रियल फाइब्रिलेशन, या हृदय वाल्व रोग का खतरा है। इसके रिजल्ट सीधे स्मार्टफोन पर भेजे जाते हैं, जिससे डॉक्टर तुरंत निर्णय ले सकते हैं।

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हृदय वाल्व रोग का खतरा लगभग दोगुना

TRICORDER नाम की एक स्टडी में इस AI स्टेथोस्कोप का इस्तेमाल लंदन के 200 से अधिक GP सर्जरी में किया गया। लगभग 15 लाख मरीजों की जांच के बाद पाया गया कि AI स्टेथोस्कोप से जांच किए गए लोगों में हृदय गति रुकने की संभावना 2.3 गुना, एट्रियल फाइब्रिलेशन की संभावना 3.5 गुना, और हृदय वाल्व रोग का खतरा लगभग दोगुना था, जबकि पारंपरिक तरीके से जांच किए गए मरीजों में ये आंकड़े कम थे।

स्टडी के दौरान यह भी देखा गया कि लगभग 70% GP प्रैक्टिस ने डिवाइस मिलने के बाद या तो इसका उपयोग बंद कर दिया या एक साल बाद कभी-कभार ही इसका उपयोग किया। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसे इनोवेशन बेहद जरूरी हैं। अक्सर हृदय गति रुकने के लक्षण तब तक नजर नहीं आते जब तक मरीज को इमरजेंसी में अस्पताल नहीं ले जाया जाता। अगर समय पर इन लक्षणों की पहचान हो जाए, तो मरीज को जान बचाने वाली दवाइयां और उपचार तुरंत उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

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डॉक्टरों की सहायता करता है

AI स्टेथोस्कोप न सिर्फ जांच को तेज और सटीक बनाता है, बल्कि डॉक्टरों की सहायता करके लाखों लोगों की जान बचाने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, डॉक्टरों को इसे पूरी तरह अपनाने में समय लग सकता है, लेकिन यह निश्चित रूप से भविष्य में कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

इस तरह, AI स्टेथोस्कोप एक ऐसा उपकरण है जो 15 सेकंड में दिल की गंभीर बीमारियों का पता लगा सकता है, डॉक्टरों की मदद करता है, और मरीजों को समय पर बचाने की क्षमता रखता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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