Bain की चेतावनी: AI कंपनियों की बढ़ती खर्चीली दुनिया

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Bain की चेतावनी: AI कंपनियों की बढ़ती खर्चीली दुनिया
September 23, 2025

AI Revenue Shortfall: AI कंपनियां  डेटा सेंटर्स पर अरबों डॉलर खर्च करने की योजना जल्दी ही घोषित कर चुकी हैं लेकिन अब यह सवाल उठता है कि ये कंपनियां इतने बड़े निवेश को पूरा करने के लिए रेवेन्यू कैसे जुटाएंगी। कंसल्टिंग फर्म Bain & Co. की हालिया रिपोर्ट बताती है कि AI कंपनियों का खर्च और रेवेन्यू का अंतर पहले से कहीं ज्यादा हो सकता है।

Bain रिपोर्ट बताती है कि AI उद्योग में भारी निवेश और कम्प्यूटिंग लागत बढ़ रही है। ऑटोनॉमस एजेंट्स, क्वांटम कम्प्यूटिंग और ह्यूमैनॉइड रोबोट में विकास जारी है।

Bain की वार्षिक Global Technology Report के अनुसार, 2030 तक AI कंपनियों को अपनी कम्प्यूटिंग आवश्यकताओं और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कुल 2 ट्रिलियन डॉलर सालाना रेवेन्यू की जरूरत होगी। हालांकि, Bain का अनुमान है कि रेवेन्यू लगभग 800 बिलियन डॉलर कम रह सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि ChatGPT जैसे AI सर्विसेज से होने वाली आय, डेटा सेंटर्स और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती लागत को पूरा नहीं कर पाएगी।

AI उद्योग के मूल्यांकन और मॉडल पर सवाल

AI की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ChatGPT, Gemini और दूसरे AI कंपनियों की सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे कम्प्यूटिंग क्षमता और ऊर्जा की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन AI से होने वाली बचत और एक्स्ट्रा रेवेन्यू इस मांग के मुकाबले अभी काफी पीछे है। Bain के वैश्विक तकनीकी प्रैक्टिस के चेयरमैन David Crawford के अनुसार, यदि वर्तमान स्केलिंग नियम लागू रहते हैं तो AI धीरे-धीरे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ाएगा।

OpenAI इस समय अरबों डॉलर का नुकसान उठा रहा है और विकास को लाभ पर प्राथमिकता दे रहा है। Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 2029 तक कैश फ्लो पॉजिटिव होने की उम्मीद करती है। हालांकि, Bain ने यह नहीं बताया कि अगर कंपनियां 2030 तक लाभ अर्जित नहीं कर पाती हैं तो इसके संभावित प्रभाव क्या होंगे।

बड़े टेक फर्म और निवेश

Microsoft, Amazon और Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियां अगले दशक की शुरुआत तक AI पर 500 बिलियन डॉलर से अधिक वार्षिक खर्च करने की योजना बना रही हैं। OpenAI और DeepSeek जैसी कंपनियों के नए मॉडल AI सेवाओं की मांग बढ़ा रहे हैं और पूरे उद्योग में निवेश को तेजी दे रहे हैं।

Bain के अनुसार, 2030 तक वैश्विक AI कम्प्यूटिंग की जरूरत 200 गीगावॉट तक बढ़ सकती है जिसमें आधा हिस्सा अमेरिका का होगा। तकनीकी और एल्गोरिदम में सुधार यह दबाव कम कर सकते हैं, लेकिन सप्लाई चेन की बाधाएं या पर्याप्त ऊर्जा की कमी प्रगति को रोक सकती हैं।

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उत्पाद विकास और AI एजेंट

AI कंपनियां केवल कम्प्यूटिंग पर ही नहीं बल्कि उत्पाद विकास पर भी भारी निवेश कर रही हैं। ऑटोनॉमस AI एजेंट्स, जो इंसानों की तरह मल्टी-स्टेप टास्क कर सकते हैं इस क्षेत्र का प्रमुख फोकस हैं। अगले 3–5 साल में, कंपनियां तकनीकी खर्च का लगभग 10% मुख्य AI क्षमताओं, जैसे एजेंट प्लेटफॉर्म, बनाने पर खर्च कर सकती हैं।

क्वांटम कम्प्यूटिंग और ह्यूमैनॉइड रोबोट

Bain की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि क्वांटम कम्प्यूटिंग 250 बिलियन डॉलर तक का मार्केट वैल्यू उत्पन्न कर सकती है। इसका असर वित्त, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स और मटीरियल साइंस जैसी इंडस्ट्री पर पड़ेगा। हालांकि, इसे धीरे-धीरे अपनाया जाएगा और पहले कुछ विशेष क्षेत्रों में सीमित उपयोग होगा।

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ह्यूमैनॉइड रोबोट भी पूंजी आकर्षित कर रहे हैं और धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन इनकी तैनाती अभी शुरुआती स्तर पर है और मानव निगरानी पर निर्भर है। Bain के अनुसार, रोबोट की व्यावसायिक सफलता इकोसिस्टम की तैयारी पर निर्भर करेगी। जो कंपनियां शुरुआती पायलट प्रोजेक्ट्स चलाएँगी, वे उद्योग में नेतृत्व कर सकती हैं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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