Spotify ने माना अब कोडिंग इंजीनियर्स नहीं, AI ने संभाल रहा

Spotify ने माना अब कोडिंग इंजीनियर्स नहीं, AI ने संभाल रहा

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February 13, 2026

Spotify Honk AI: Artificial Intelligence बढ़ती क्रेज के बीच Spotify ने ऐसा खुलासा किया है जिसने टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। कंपनी के टॉप इंजीनियर्स महीनों से खुद कोड नहीं लिख रहे। उनकी जगह AI सिस्टम काम संभाल रहा है। जिसके बाद से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह कोडिंग प्रोफेशन के अंत की शुरुआत है या काम करने के तरीके का नया अध्याय?

क्या AI कोडिंग प्रोफेशन को बदल देगा? Spotify का दावा है कि उसके इंजीनियर्स अब सिर्फ AI आउटपुट को रिव्यू करते हैं। टेक वर्ल्ड में इस बदलाव का क्या मतलब है, पढ़ें पूरी खबर।

कोडिंग पेशे पर उठने लगे सवाल

Spotify का यह खुलासा Elon Musk उस बयान का समर्थन करता है जिसके बारें उन्होंने कहा था कि आने वाले वर्षों में कोडिंग का पेशा काफी हद तक बदल सकता है। भले ही यह अनुमान कुछ लोगों को अतिशयोक्ति लगे, लेकिन बड़ी कंपनियों द्वारा अपनाए जा रहे ऑटोमेशन से यह स्पष्ट है कि AI का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। जो कहीं न कहीं बहुत बड़ी बदलाव की ओर संकेत कर रहा है।

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AI बना डेवलपमेंट का नया माध्यम

Spotify के को-सीईओ Gustav Söderström ने कंपनी की अर्निंग्स कॉल में बताया कि आंतरिक AI सिस्टम Honk AI अब डेवलपमेंट प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा बन चुका है। यह सिस्टम AI मॉडल Anthropic के Claude प्लेटफॉर्म पर आधारित है।और टीम के वर्कफ्लो के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।

चैट से तैयार हो रहा सॉफ्टवेयर

नई व्यवस्था के तहत इंजीनियर्स सीधे कोड लिखने के बजाय निर्देश देते हैं। AI बग ठीक करने, नए फीचर जोड़ने और कोड डिप्लॉय करने तक का काम कर देता है। पूरा सिस्टम टीम कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म Slack के साथ जुड़ा हुआ है, जिससे इंजीनियर्स कहीं से भी काम की निगरानी कर सकते हैं।

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स्पीड में आया बड़ा बदलाव

AI के इस्तेमाल से प्रोडक्ट डेवलपमेंट की गति में काफी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष Spotify ने अपने ऐप में दर्जनों नए फीचर जोड़े और कई AI-आधारित सुविधाएं कम समय में लॉन्च कीं। कंपनी का मानना है कि इतनी तेजी पारंपरिक तरीके से संभव नहीं थी।

इंजीनियर्स खत्म नहीं, भूमिका बदली

यह सही है कि इंजीनियर्स अब कोडिंग नहीं कर रहे हैं लेकिन उनका रोल खत्म नहीं हुआ है। अब उनकी जिम्मेदारी सिस्टम की समीक्षा, संरचना तय करना, आउटपुट की समीक्षा करना और बड़े स्तर के प्रोडक्ट निर्णय लेना बन गया है। यानी इंजीनियर्स कोडर से डिजाइनर और मैनेजर की भूमिका में की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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