WhatsApp और Telegram यूजर्स ध्यान दें, 1 जनवरी से बदलेगा नियम

WhatsApp और Telegram यूजर्स ध्यान दें, 1 जनवरी से बदलेगा नियम

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October 24, 2026

SIM Binding Rule : अगर आप बिना SIM कार्ड वाले फोन में WhatsApp या Telegram चलाते हैं, तो आपके लिए जरूरी खबर है। सरकार 1 जनवरी 2027 से SIM Binding का नया नियम लागू करने जा रही है। इसके बाद इन ऐप्स को चलाने के लिए अकाउंट से जुड़ा SIM उसी फोन में होना जरूरी हो सकता है। SIM एक्टिव रहना भी जरूरी होगा। SIM निकालने, बंद होने या बदलने पर ऐप की सेवाएं रुक सकती हैं।

सरकार 1 जनवरी 2027 से SIM Binding नियम लागू करने जा रही, जानें WhatsApp, Telegram और Signal यूजर्स के लिए क्या बदलेगा ।

क्या है SIM Binding?

SIM Binding का मतलब है आपके WhatsApp या Telegram अकाउंट को उस SIM कार्ड से जोड़ना, जिससे आपने अकाउंट बनाया है। अभी तक OTP से नंबर वेरिफाई करने के बाद SIM निकालकर भी WhatsApp चलाया जा सकता था। इसी वजह से कई लोग पुराने फोन में बिना SIM के केवल Wi-Fi से WhatsApp इस्तेमाल करते हैं, लेकिन नए नियम के बाद ऐसा करना संभव नहीं हो सकता। ऐप समय-समय पर जांच करेगा कि उससे जुड़ा SIM फोन में मौजूद है या नहीं। SIM नहीं मिलने पर ऐप काम करना बंद कर सकता है। हालांकि, आपकी पुरानी चैट डिलीट नहीं होगी। SIM दोबारा फोन में लगाने पर ऐप फिर से चल सकता है।

सरकार क्यों ला रही है नया नियम?

दूरसंचार विभाग (DoT) का कहना है कि साइबर अपराधी इस सुविधा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे भारतीय नंबर से OTP लेकर अकाउंट बनाते हैं और SIM निकालने या बंद होने के बाद भी उसका इस्तेमाल करते रहते हैं। कई मामलों में विदेश से लोगों को ठगने के लिए ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी और सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराने जैसे मामले शामिल हैं। सरकार का मानना है कि SIM Binding से ऐसे अपराधियों की पहचान करने और धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलेगी।

किन ऐप्स पर लागू होगा नियम?

इस नियम के दायरे में WhatsApp, Telegram और Signal शामिल हैं। शुरुआत में सरकार ने Snapchat, ShareChat, JioChat, Josh और Arattai को भी नोटिस भेजे थे। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक Snapchat को इस नियम से छूट मिली है। Signal ने सरकारी नोटिस पर अब तक जवाब नहीं दिया है।

eSIM इस्तेमाल करने वालों को क्या करना होगा?

आजकल कई स्मार्टफोन में सामान्य SIM की जगह eSIM की सुविधा मिलती है। यह फोन में डिजिटल रूप से मौजूद होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्टिव eSIM को भी SIM कार्ड की तरह माना जाएगा। हालांकि, सरकार ने अपने बयान में eSIM को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। फोन बदलने पर eSIM को टेलीकॉम कंपनी की मदद से नए फोन में ट्रांसफर और एक्टिवेट कराना होगा। विदेश यात्रा के दौरान यूजर्स अपना भारतीय eSIM एक्टिव रखकर इंटरनेट के लिए दूसरा SIM भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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iPhone और WhatsApp Web यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

iPhone में इस नियम को लागू करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple ने iOS में जरूरी बदलाव किए हैं। सितंबर में जारी सॉफ्टवेयर अपडेट से फोन में SIM की मौजूदगी पहचानने की सुविधा मिली है। हालांकि, Apple ने इस बारे में आधिकारिक बयान नहीं दिया है। WhatsApp Android फोन पर इस फीचर की टेस्टिंग शुरू कर चुका है। WhatsApp Web इस्तेमाल करने वालों को राहत मिली है। पहले कंप्यूटर पर चलने वाले WhatsApp Web को हर छह घंटे में लॉगआउट करने का नियम था। अब सरकार ने यह शर्त वापस ले ली है। WhatsApp Web केवल तब लॉगआउट होगा, जब अकाउंट पर धोखाधड़ी में शामिल होने का संदेह होगा।

कब लागू होगा नियम?

DoT ने 2025 को यह आदेश जारी किया था और कंपनियों को 90 दिन का समय दिया था। इसके अनुसार, नियम फरवरी 2026 तक लागू होना था। लेकिन कंपनियों और Apple ने तकनीकी परेशानियों के कारण अधिक समय मांगा। इसके बाद समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई। अब नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होगा। पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

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यूजर्स को अभी क्या करना चाहिए?

अगर आप दूसरे फोन में बिना SIM के WhatsApp चलाते हैं, तो अभी से तैयारी करें। अपने WhatsApp नंबर से जुड़ा SIM उसी फोन में रखें, जिसमें ऐप इस्तेमाल करते हैं। SIM एक्टिव रखें और समय पर रिचार्ज कराएं। eSIM यूजर्स फोन बदलने से पहले उसे नए फोन में ट्रांसफर करा लें। विदेश जाने वाले लोग भी अपना भारतीय SIM एक्टिव रखें। हालांकि, इस नियम पर सभी सहमत नहीं हैं। सरकार इसे साइबर ठगी रोकने के लिए जरूरी मानती है, जबकि टेलीकॉम कंपनियों ने इसका समर्थन किया है। दूसरी ओर, Broadband India Forum जैसे संगठनों का कहना है कि यह नियम कानून में दिए गए अधिकारों से आगे जा सकता है। एक सर्वे में भी ज्यादातर लोगों और छोटे कारोबारियों ने चिंता जताई कि इससे उनके रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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