DeepSeek

80% सवालों के जवाब नहीं दे रहा चीन का DeepSeek

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February 2, 2025

DeepSeek R1 मॉडल ने 1,360 संवेदनशील टॉपिक्स में से 85% का जवाब देने से इनकार कर दिया है। इसके बजाय इसने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण वाले पहले से लिखे उत्तर दिए, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठे।

DeepSeek : DeepSeek-R1 नामक AI चैटबॉट ने पूरी दुनिया में काफी तहलका मचा दिया है। यह Apple के ऐप स्टोर सबसे टॉप रैंकिंग वाला ऐप बन गया है। इसकी कोस्ट-परफॉर्मेंस क्षमता ने OpenAI जैसी दिग्गज कंपनियों को भी चुनौती दी है। हालांकि, इस AI की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह तियानमेन स्क्वायर नरसंहार, ताइवान और अन्य संवेदनशील टॉपिक्स पर सवालों का जवाब देने से इनकार कर रहा है।

कई सवालों के जवाब देने से मना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, DeepSeek R1 मॉडल ने 1,360 संवेदनशील टॉपिक्स में से 85% सवालों का जवाब देने से मना कर दिया है। इसके बजाय इसने राष्ट्रवादी दृष्टिकोण के साथ पहले से लिखे गए उत्तर लौटा दिए हैं, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि DeepSeek को आसानी से jailbroken किया जा सकता है, जिससे यह साफ होता है कि इसके पास चीनी सरकार द्वारा लागू की गई सेंसरशिप को दरकिनार करने का एक अकुशल और सख्त तरीका है।

क्या है चीन का AI सेंसरशिप मॉडल

DeepSeek की सेंसरशिप को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है? यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में AI तकनीक और सेंसरशिप को लेकर बहस चल रही है।

DeepSeek की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और इसकी सीमित स्वतंत्रता ने AI एक्सपर्टों और टेक्नोलॉजी उद्योग के दिग्गजों के बीच इस बात पर चर्चा तेज कर दी है कि क्या AI को राजनीतिक एजेंडे के अनुसार नियंत्रित किया जाना चाहिए

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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