अब बिना लिखे AI मॉडल करेंगे बातचीत, जानें C2C तकनीक

अब बिना लिखे AI मॉडल करेंगे बातचीत, जानें C2C तकनीक

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September 18, 2026

Cache-to-Cache Communication : क्या AI मॉडल एक-दूसरे को जवाब लिखे बिना सीधे जानकारी दे सकते हैं? Cache-to-Cache (C2C) तकनीक इसी दिशा में बड़ा कदम है। शोधकर्ताओं ने ऐसी विधि विकसित की है, जिसमें बड़े भाषा मॉडल यानी LLM अपने अंदर मौजूद जानकारी को सीधे दूसरे मॉडल तक पहुंचा सकते हैं।

AI मॉडल अब बिना टेक्स्ट के करेंगे बात! C2C तकनीक से बढ़ेगी स्पीड, जानें कैसे काम करती है ये नई तकनीक

C2C क्या है और कैसे काम करता है?

यह शोध Tsinghua University और सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने किया है। इसे ICLR 2026 में पेश किया गया। इसका शुरुआती प्रीप्रिंट 2025 में सामने आया था। आमतौर पर एक AI मॉडल अपना निष्कर्ष लिखित टेक्स्ट में दूसरे मॉडल को भेजता है। दूसरा मॉडल उस टेक्स्ट को पढ़कर आगे काम करता है। C2C इस बीच के चरण को कम करने की कोशिश करता है। LLM में KV-cache नाम की अस्थायी मेमोरी होती है। इसमें मॉडल द्वारा पहले प्रोसेस की गई जानकारी के संख्यात्मक संकेत रहते हैं। C2C एक खास तरह के प्रशिक्षित न्यूरल नेटवर्क की मदद से एक मॉडल की कैश जानकारी को दूसरे मॉडल के लिए उपयोगी रूप में बदलता है।

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AI मॉडल की स्पीड और सटीकता में कितना सुधार?

शोध में C2C ने अकेले मॉडल की तुलना में औसत सटीकता में 6.4% से 14.2% तक सुधार दिखाया। टेक्स्ट के जरिए आपस में जानकारी साझा करने वाले सिस्टम की तुलना में भी करीब 3.1% से 5.4% बेहतर प्रदर्शन दर्ज हुआ। रिसर्च में जवाब देने की गति में औसतन 2.5 गुना सुधार बताया गया। हालांकि, ये आंकड़े नियंत्रित शोध परीक्षणों से मिले हैं। इन्हें हर तरह के AI सिस्टम के लिए लागू नहीं माना जा सकता।

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ChatGPT जैसे AI सिस्टम में क्या होगा फायदा?

C2C भविष्य में ऐसे AI सिस्टम बनाने में मदद कर सकता है, जहां अलग-अलग मॉडल अलग काम संभालें। मसलन, एक मॉडल कोड लिखे और दूसरा उसकी जांच करे। इसी तरह एक मॉडल गणितीय समस्या हल कर सकता है, जबकि दूसरा अंतिम जवाब तैयार कर सकता है। सीधे आंतरिक जानकारी साझा होने से जटिल कामों में समय कम हो सकता है। इससे कई AI एजेंट के साथ काम करने वाले सिस्टम भी विकसित किए जा सकते हैं।

इस तकनीक की कुछ सीमाएं हैं। C2C के मौजूदा तरीके में दोनों मॉडलों को एक ही इनपुट प्रोसेस करना पड़ता है। कमजोर मॉडल की गलत जानकारी मजबूत मॉडल के जवाब को भी प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, अलग-अलग मॉडलों के बीच C2C चलाने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण जरूरी है। बड़े स्तर पर कई AI एजेंट को जोड़ना अभी शोध का खुला विषय है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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