Zcash NU7 Vote : Zcash होल्डर्स ने नेटवर्क के अगले बड़े अपग्रेड NU7 को लेकर लगभग एकतरफा फैसला दिया है। करीब 24 लाख ZEC ने वोटिंग में हिस्सा लिया, जबकि कुल 36 लाख ZEC वोटिंग के लिए योग्य थे। मतदान में नेटवर्क की रफ्तार बढ़ाने और Bitcoin जैसी halving व्यवस्था बनाए रखने को भारी समर्थन मिला। वोटिंग ZEC की संख्या के आधार पर हुई, न कि वोट देने वाले लोगों की संख्या के आधार पर।
Zcash होल्डर्स ने NU7 अपग्रेड के पक्ष में भारी वोट दिया, जानिए 25 सेकंड के ब्लॉक टाइम, halving और प्राइवेट वोटिंग से जुड़े अहम फैसले।
Zcash में 99.9% वोट से 25 सेकंड का प्रस्ताव पास
NU7 को लेकर हुई वोटिंग में 99.9% ZEC ने ब्लॉक टाइम घटाकर 75 सेकंड से 25 सेकंड करने का समर्थन किया। ब्लॉक में नेटवर्क पर जोड़े जाने वाले ट्रांजैक्शन शामिल होते हैं। इसलिए कम समय में ब्लॉक बनने से भुगतान की पुष्टि भी तेज हो सकती है। वोटिंग के लिए कम से कम 10 लाख ZEC का टर्नआउट जरूरी रखा गया था। कुल करीब 24 लाख ZEC के वोट आने से यह सीमा आसानी से पार हो गई। एक और अहम फैसला Bitcoin जैसी halving व्यवस्था को लेकर रहा। करीब 98.9% ZEC ने मौजूदा halving शेड्यूल बनाए रखने के पक्ष में वोट दिया।
Zcash में Bitcoin जैसी halving व्यवस्था रहेगी
Zcash में माइनर्स को नए बनाए गए ZEC के जरिए भी भुगतान मिलता है। Halving के दौरान यह नया रिवॉर्ड तय अंतराल पर आधा हो जाता है। दूसरे विकल्प में नए ZEC की मात्रा धीरे-धीरे कम करने का प्रस्ताव था। लेकिन वोटर्स ने मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने का समर्थन किया। होल्डर्स ने 96.6% वोट के साथ यह भी तय किया कि Network Sustainability Mechanism यानी NSM से जमा ZEC को दोबारा जारी करने की शुरुआत फरवरी 2031 तक टाली जाए। NSM में कम से कम 60% ट्रांजैक्शन फीस जैसी रकम सर्कुलेशन से बाहर जाती है। बाद में इसे भविष्य के ब्लॉक रिवॉर्ड के जरिए नेटवर्क में वापस लाया जा सकता है। इससे Zcash की अधिकतम सप्लाई नहीं बदलती।
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वोटिंग में छिपी रही होल्डर्स की पहचान
Zcash की यह वोटिंग सामान्य क्रिप्टो वोटिंग से अलग रही। सिर्फ Ironwood नाम के नए प्राइवेट ट्रांजैक्शन पूल में रखे ZEC को वोट देने की अनुमति थी। Shielded बैलेंस का मतलब है कि नेटवर्क यह जांच सकता है कि कॉइन मौजूद हैं और सही तरीके से खर्च हो रहे हैं। लेकिन वॉलेट बैलेंस और ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं होती। वोट को 16 अलग हिस्सों में बांटकर एन्क्रिप्ट किया गया। इससे अंतिम नतीजा निकाला जा सका, लेकिन यह पता नहीं चला कि किस होल्डर ने कितना ZEC रखा था या उसने किस विकल्प को वोट दिया। फरवरी की पिछली NU7 पोल में भागीदारी सिर्फ सर्कुलेटिंग ZEC के 7.25% के बराबर थी। नई व्यवस्था ने इस बार प्राइवेसी को काफी मजबूत किया।
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NU7 को जल्द लाने के पक्ष में भी भारी समर्थन
करीब 99.3% वोट NU7 को जल्द लागू करने के पक्ष में पड़े। इसके तहत 30 सितंबर की readiness deadline तक तैयार न होने वाले फीचर हटाकर अपग्रेड को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना गया। Zcash की रफ्तार बढ़ाने पर भी पहले से काम चल रहा है। अगस्त में मोबाइल डिवाइस पर proof generation का समय कुछ टेस्ट में 3 सेकंड से ज्यादा से घटकर 200 मिलीसेकंड से कम हुआ था। Zakura और Project Tachyon जैसे प्रोजेक्ट भी ज्यादा तेज private transactions पर काम कर रहे हैं। फिलहाल, वोटिंग से नेटवर्क तुरंत नहीं बदलेगा। चुने गए फीचर्स को पहले लागू, टेस्ट और फिर अंतिम NU7 अपग्रेड में शामिल करना होगा। लेकिन ताजा वोटिंग ने डेवलपर्स को आगे की दिशा जरूर साफ कर दी है।
