Crypto Inheritance में वारिस का नाम काफी नहीं, जानें पूरी बात

Crypto Inheritance में वारिस का नाम काफी नहीं, जानें पूरी बात

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September 15, 2026

Crypto Wallet Access : क्या किसी निवेशक की मौत के बाद उसका क्रिप्टोकरेंसी अपने आप परिवार को मिल जाता है? अगर परिवार को यह पता ही नहीं कि Crypto कहां रखा है और उसे कैसे एक्सेस करना है, तो डिजिटल संपत्ति वापस पाना बेहद मुश्किल हो सकता है। Crypto Inheritance में सबसे बड़ा फर्क इस बात से पड़ता है कि Crypto एक्सचेंज पर रखा है या खुद के वॉलेट में। एक्सचेंज पर रखी रकम का रिकॉर्ड KYC, बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री से मिल सकता है, लेकिन Self-Custody Wallet में Private Key या Seed Phrase की जानकारी न हो, तो संपत्ति हमेशा के लिए फंस सकती है।

Crypto Inheritance को लेकर बड़ी चिंता, जानें वारिस, नॉमिनी, प्राइवेट की और Seed Phrase के बिना मौत के बाद Crypto क्यों फंस सकता है।

एक्सचेंज पर Crypto है तो रास्ता थोड़ा आसान

CoinSwitch के सीनियर डायरेक्टर-लीगल सुकांत दुखंडे के मुताबिक, Crypto Inheritance में दो सवाल अहम हैं। पहला, कानूनी तौर पर संपत्ति का हकदार कौन है? दूसरा, उस संपत्ति को ढूंढकर एक्सेस कैसे किया जाएगा? अगर Crypto किसी Crypto-Asset Service Provider के पास है, तो कानूनी वारिस निवेशक की मौत और अपने अधिकार का सबूत देकर प्लेटफॉर्म से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए प्लेटफॉर्म की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और लागू कानूनों का पालन करना होगा। Pi42 के Co-Founder और CEO Avinash Shekhar ने कहा कि एक्सचेंज पर रखा Crypto KYC से जुड़े अकाउंट, बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के जरिए खोजा जा सकता है।

Bybit के India Country Manager Vikas Gupta ने भी कहा कि किसी Crypto-Asset Service Provider के पास मौजूद संपत्ति का आमतौर पर एक पहचान योग्य अकाउंट होता है। वारिस जरूरी दस्तावेज के साथ दावा कर सकता है।

Self-Custody Wallet में सबसे बड़ा खतरा

मामला तब मुश्किल हो जाता है, जब Crypto Self-Custody Wallet में रखा हो। इसमें Private Key का नियंत्रण सीधे निवेशक के पास रहता है। ब्लॉकचेन पर यह दिख सकता है कि Crypto किसी खास Wallet Address पर मौजूद है। लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि मालिक कौन है। इससे भी बड़ी बात यह है कि ब्लॉकचेन Private Key खोने पर उसे वापस नहीं दिला सकता।

विकास गुप्ता के मुताबिक, अगर परिवार को Wallet के बारे में पता नहीं है, Wallet Address मालूम नहीं है या Private Key और Seed Phrase उपलब्ध नहीं है, तो कोई केंद्रीय संस्था इन Assets को वापस नहीं दिला सकती। Mudrex के बिजनेस हेड प्रतीक गुप्ता ने कहा कि Crypto को संपत्ति मानने वाला कानूनी ढांचा वारिस का दावा मजबूत कर सकता है, लेकिन कानूनी हक और Crypto तक वास्तविक पहुंच दो अलग चीजें हैं।

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Will और Nominee के साथ बनाएं सुरक्षित रास्ता

अभी एक्सपर्ट की सलाह है कि Crypto Investors को उत्तराधिकार योजना को सिर्फ वसीय तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्हें कानूनी हक और तकनीकी पहुंच, दोनों की तैयारी करनी चाहिए।

इसके लिए कुछ जरूरी कदम हैं:

  • Will में यह साफ करें कि Crypto का वारिस कौन होगा।
  • एक्सचेंज पर उपलब्ध Nomination सुविधा का इस्तेमाल करें।
  • सभी Exchanges और Wallets का सुरक्षित और अपडेटेड रिकॉर्ड रखें।
  • Private Keys और Seed Phrases को खुले में साझा न करें।
  • जरूरी Access Information को अलग और सुरक्षित तरीके से रखें।

सुकांत दुखंडे ने कहा कि Investors को Platforms और Wallets का अपडेटेड रिकॉर्ड रखना चाहिए। लेकिन Private Keys और Seed Phrases की सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। अविनाश शेखर ने भी Will के साथ Exchanges, Wallets और Access Instructions का सुरक्षित रिकॉर्ड रखने की सलाह दी है।

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Nominee का नाम लिखना ही काफी नहीं

कई लोग मानते हैं कि Nominee या Beneficiary का नाम दर्ज कर देने से Crypto अपने आप उस व्यक्ति को मिल जाएगा। एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसा जरूरी नहीं है। Will यह तय कर सकती है कि संपत्ति किसे मिलेगी। लेकिन परिवार को पहले यह पता होना चाहिए कि Crypto मौजूद है और कहां रखा है। इसके बाद उसे हासिल करने का कानूनी और सुरक्षित रास्ता भी होना चाहिए। Self-Custody Wallet में यह चुनौती और बड़ी है। यहां कोई प्लेटफॉर्म बैंक की तरह Password Reset या Private Key Recovery नहीं कर सकता।

प्रतीक गुप्ता ने कहा कि सबसे बड़ी गलती Crypto Inheritance को सिर्फ बैंक के Nominee Form जैसा समझना है। वहीं, Password, PIN, Two-Factor Authentication Code या Seed Phrase को जिंदगी में ही किसी के साथ लापरवाही से शेयर करना भी खतरनाक है। इससे Crypto चोरी हो सकता है।

Disclaimer: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। Crypto में निवेश और उससे जुड़ी विरासत के नियम अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी फैसले से पहले कानूनी या वित्तीय सलाह जरूर लें।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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