Startup Funding: Matel Motion & Energy Solutions ने आज अपने Series B फंडिंग राउंड में 130 करोड़ जुटाने का ऐलान किया है। इस निवेश का नेतृत्व UC Impower ने किया, जबकि Catamaran नए निवेशक के तौर पर शामिल हुआ। मौजूदा निवेशक Transition VC ने भी इस राउंड में भाग लिया। कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), नए प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग और प्रोडक्शन टीम की भर्ती तथा अंतरराष्ट्रीय विस्तार में करेगी।
पुणे की EV कंपोनेंट कंपनी Matel Motion & Energy Solutions को 130 करोड़ का नया निवेश मिला, पढ़ें इस फंडिंग के पीछे की पूरी कहानी।
Matel Motion & Energy Solutions का फोकस क्या है?
Matel Motion & Energy Solutions की शुरुआत 2017 में पुणे में हुई थी। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए मोटर, मोटर कंट्रोलर और इंटीग्रेटेड पावरट्रेन डिजाइन और तैयार करती है। इसके उत्पाद दोपहिया, तीनपहिया, चारपहिया, बस और ऑफ-रोड वाहनों में इस्तेमाल होते हैं।
कंपनी ने अप्रैल 2024 में EV कंपनियों से जरूरी वैलिडेशन मिलने के बाद अपने पावरट्रेन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया। Matel का दावा है कि उसने मैग्नेट-फ्री मोटर विकसित की है। इसके अलावा कंपनी IE5 इंडस्ट्रियल मोटर बेच रही है और IE6 मोटर पर काम जारी है। कंपनी के CEO सुनील पटेल पहले बजाज ऑटो के रिसर्च डिवीजन में Chetak EV प्रोग्राम का नेतृत्व कर चुके हैं। सह-संस्थापक नेताजी सी. पात्रो भी मारुति सुजुकी और बजाज ऑटो में रिसर्च से जुड़े रहे हैं। Series B की कई अहम जानकारियां अभी भी सामने नहीं आईं
कंपनी ने फंडिंग का आकार तो बताया, लेकिन कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा नहीं कीं। इनमें शामिल हैं:
- 130 करोड़ में से कितनी रकम तुरंत मिलेगी
- कंपनी का वैल्यूएशन
- निवेश के बदले कितना डाइल्यूशन हुआ
- क्या इस राउंड में पुराने शेयरधारकों से सेकेंडरी शेयर बिक्री भी हुई
- अलग-अलग निवेशकों की हिस्सेदारी
- बोर्ड में किसी बदलाव की जानकारी
गौरतलब है कि मई 2024 में कंपनी ने Series A राउंड में 4 मिलियन डॉलर जुटाए थे। उस समय उसने अगले साल 100 करोड़ से अधिक सालाना बिक्री का लक्ष्य रखा था और मासिक उत्पादन 5,000 यूनिट से बढ़ाकर 20,000 यूनिट करने की योजना बताई थी। हालांकि, रजिस्ट्री आधारित रिपोर्टिंग के अनुसार कंपनी का FY25 राजस्व 50.6 करोड़ रहा। यानी घोषित लक्ष्य का लगभग आधा। कंपनी ने अभी तक FY26 राजस्व, क्षमता उपयोग, ग्रॉस मार्जिन, मुनाफा या EV और इंडस्ट्रियल कारोबार के अलग-अलग आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।
READ MORE: BrainTech रेस में यूरोप की एंट्री, Startups को मिलेगा 60 मिलियन यूरो का सपोर्ट
निवेशकों का दांव और कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती
Matel का मॉडल सीधे वाहन बेचने का नहीं, बल्कि वाहन कंपनियों को पावरट्रेन और मोटर सप्लाई करने का है। इस कारोबार में किसी नए ग्राहक को जोड़ने के लिए लंबी वैलिडेशन और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। लेकिन एक बार सिस्टम मंजूर हो जाए तो सप्लायर बदलना आसान नहीं होता। कंपनी की दूसरी बड़ी ताकत उसका इंडस्ट्रियल मोटर कारोबार माना जा रहा है। यह बाजार EV की तुलना में धीमा जरूर है, लेकिन मांग अपेक्षाकृत स्थिर रहती है। वहीं मैग्नेट-फ्री मोटर तकनीक सफल होती है तो रेयर अर्थ मैग्नेट पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस तकनीक के प्रदर्शन या लागत से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।
इसके साथ जोखिम भी कम नहीं हैं। बड़े वाहन निर्माता भविष्य में मोटर और पावरट्रेन का उत्पादन खुद शुरू कर सकते हैं। बजाज, ओला और TVS जैसी कंपनियां पहले से अपने इन-हाउस पावरट्रेन कार्यक्रमों पर काम कर रही हैं। ऐसे में Matel को लगातार नए ग्राहकों और नए बाजारों में जगह बनानी होगी।
READ MORE: Indian AI startups को US से मिल रही बड़ी फंडिंग, जानें वजह
Catamaran की एंट्री क्यों मानी जा रही है अहम?
इस फंडिंग राउंड में Catamaran का शामिल होना निवेशकों के लिए खास संकेत माना जा रहा है। यह फैमिली ऑफिस भारतीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में लंबी अवधि के निवेश के लिए जाना जाता है। ऐसे निवेशक आमतौर पर केवल वैल्यूएशन बढ़ाने के बजाय उत्पादन क्षमता और कारोबार के विस्तार पर ज्यादा ध्यान देते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 130 करोड़ की यह नई पूंजी कंपनी के उत्पादन, ऑर्डर बुक और राजस्व में कितनी तेजी ला पाती है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का वार्षिक कारोबार करीब 50.6 करोड़ के स्तर पर है, जबकि विस्तार की योजना इससे कहीं बड़ी है।
