MD vs MS: आज भी हजारों मेडिकल स्टूडेंट्स इसी सवाल का जवाब तलाश रहे हैं। अगर आप भी NEET PG की तैयारी कर रहे हैं, तो यह फैसला आपके पूरे करियर की दिशा तय कर सकता है। ऐसे में दोनों कोर्स के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है।
MBBS के बाद MD और MS में क्या अंतर है? जानें दोनों कोर्स की फीस, पढ़ाई, करियर और कौन सा विकल्प आपके लिए बेहतर रहेगा।
MD और MS में क्या है सबसे बड़ा अंतर?
MD (Doctor of Medicine) और MS (Master of Surgery) दोनों ही 3 साल के पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स हैं। इनमें दाखिला NEET PG परीक्षा के जरिए मिलता है।
MD उन छात्रों के लिए बेहतर माना जाता है, जिनकी रुचि दवाओं से इलाज, मरीजों की जांच और बीमारी की पहचान में होती है। इसमें जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स और डर्मेटोलॉजी जैसी शाखाएं शामिल हैं। वहीं, MS उन छात्रों के लिए है, जो ऑपरेशन और सर्जरी में करियर बनाना चाहते हैं। इसमें जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, ENT और गायनेकोलॉजी जैसी शाखाओं की पढ़ाई होती है।
पढ़ाई और ट्रेनिंग का तरीका अलग
MD में पढ़ाई के दौरान थ्योरी, डायग्नोसिस और मरीजों के इलाज पर ज्यादा फोकस रहता है। छात्रों को दवा आधारित इलाज की गहरी समझ दी जाती है। MS में छात्रों को ऑपरेशन थिएटर में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। यहां सर्जिकल तकनीक, ऑपरेशन और क्लिनिकल स्किल्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसलिए जिन छात्रों की रुचि सर्जरी में है, उनके लिए MS बेहतर विकल्प हो सकता है।
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MD और MS की फीस में कितना अंतर है?
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MD और MS दोनों की फीस लगभग समान रहती है। यहां फीस कुछ हजार रुपये से लेकर कुछ लाख रुपये सालाना तक हो सकती है। प्राइवेट कॉलेजों में फीस काफी ज्यादा होती है। MS की फीस आमतौर पर 8 लाख से 20 लाख सालाना तक पहुंच सकती है। वहीं MD की फीस 4 लाख से 20 लाख सालाना तक हो सकती है। पूरे 3 साल के कोर्स में कुल खर्च 15 लाख से 80 लाख तक पहुंच सकता है। यह कॉलेज, स्पेशलाइजेशन और मैनेजमेंट कोटा पर निर्भर करता है।
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करियर चुनने से पहले अपनी रुचि समझें
अगर आपकी रुचि मरीजों का इलाज दवाओं और क्लिनिकल तरीके से करने में है, तो MD आपके लिए सही विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप ऑपरेशन और सर्जरी में विशेषज्ञ बनना चाहते हैं, तो MS बेहतर रहेगा। किसी भी कोर्स का चुनाव करने से पहले अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य के करियर लक्ष्य को जरूर ध्यान में रखें।
