GPT-Live: क्या अब AI से बात करना किसी इंसान से बातचीत जैसा महसूस होगा? इसी सवाल के बीच OpenAI ने अपना नया GPT-Live वॉयस अनुभव पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह नया सिस्टम पहले से ज्यादा स्वाभाविक बातचीत करेगा, कम रुकावट डालेगा और कई काम बैकग्राउंड में पूरा करते हुए यूजर से लगातार बात करता रहेगा। फिलहाल इसे iOS, Android और Web पर ChatGPT यूजर्स के लिए जारी किया जा रहा है।
OpenAI ने GPT-Live पेश कर AI वॉयस अनुभव को और बेहतर बनाने का दावा, जानिए इसके नए फीचर्स, सुरक्षा उपाय और उपलब्धता से जुड़ी पूरी जानकारी।
GPT-Live में क्या है नया?
OpenAI के मुताबिक, GPT-Live के साथ GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini नाम के दो नए वॉयस मॉडल पेश किए गए हैं। ये पहले के Advanced Voice Mode से बेहतर बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब AI सिर्फ आपकी बात खत्म होने का इंतजार नहीं करेगा। कंपनी का कहना है कि नया सिस्टम बातचीत के दौरान आपकी बात समझता रहेगा और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत जवाब देगा। इससे बातचीत पहले की तुलना में ज्यादा सहज महसूस होगी।
बैकग्राउंड में करेगा मुश्किल काम
OpenAI का दावा है कि GPT-Live साधारण बातचीत और जटिल AI टास्क को अलग-अलग संभाल सकता है। अगर यूजर वेब सर्च, गहरी रिसर्च या किसी कठिन सवाल का जवाब पूछता है, तो AI उसे बैकग्राउंड में प्रोसेस करेगा। इस दौरान बातचीत बंद नहीं होगी। काम पूरा होते ही जवाब सामान्य तरीके से सामने आ जाएगा। कंपनी ने डेमो में यह भी दिखाया कि नया सिस्टम हिंदी सहित कई भाषाओं में रियल-टाइम अनुवाद करने में सक्षम है। इसके साथ मौसम, शेयर बाजार और खेल से जुड़े विजुअल कार्ड भी दिखाए जा सकते हैं।
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सुरक्षा और परफॉर्मेंस पर भी जोर
OpenAI का कहना है कि नए वॉयस मॉडल्स को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाया गया है। कंपनी के अनुसार इनमें आत्म-हानि, हिंसा, मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशील विषयों से जुड़े सुरक्षा उपाय जोड़े गए हैं। OpenAI ने दावा किया कि टेस्टिंग के दौरान GPT-Live-1 ने 75.7% और GPT-Live-1 mini ने 69.2% मामलों में पुराने वॉयस सिस्टम से बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी ने यह भी कहा कि वह सिर्फ़ पहले से रिकॉर्ड की गई आवाज़ों का इस्तेमाल करेगी ताकि किसी व्यक्ति की आवाज़ की नकल न की जा सके।
किन यूजर्स को मिलेगा नया फीचर?
कंपनी के मुताबिक, ChatGPT Pro, Plus और Go सब्सक्राइबर को डिफॉल्ट रूप से GPT-Live-1 मिलेगा, जबकि फ्री यूजर्स GPT-Live-1 mini का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, शुरुआती चरण में वीडियो कॉल और स्क्रीन शेयरिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। ये फीचर फिलहाल पुराने वॉयस मोड में ही बने रहेंगे। OpenAI ने भविष्य में डेवलपर्स और बिजनेस यूजर्स के लिए API सपोर्ट देने की भी योजना बताई है।
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OpenAI का मानना है कि GPT-Live AI वॉइस बातचीत को एक नए स्तर पर ले जाएगा। अगर असल इस्तेमाल में कंपनी के दावे सच साबित होते हैं, तो ChatGPT के साथ बातचीत करना पहले से कहीं ज़्यादा स्वाभाविक और आसान हो सकता है।
