Meta Muse Image: क्या अब सिर्फ एक लाइन लिखकर शानदार फोटो और वीडियो तैयार किए जा सकेंगे? Meta Muse Image के लॉन्च के बाद यही चर्चा तेज हो गई है। Meta ने अपना नया AI इमेज जनरेटर पेश किया है, जबकि Muse Video की शुरुआती झलक भी दिखाई है। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का उसका सबसे एडवांस्ड AI इमेज मॉडल है।
Meta ने अपना नया Muse Image AI टूल लॉन्च किया, जानिए इसके खास फीचर्स और प्राइवेसी।
Meta Muse Image क्या-क्या कर सकता है?
Meta Muse Image फिलहाल Meta AI ऐप, Meta.ai, अमेरिका में Instagram Stories और कुछ देशों में WhatsApp पर उपलब्ध है। कंपनी ने कहा है कि इसे जल्द Facebook पर भी लाया जाएगा। यह AI टूल केवल टेक्स्ट से नई तस्वीरें ही नहीं बनाता, बल्कि पुरानी फोटो को एडिट भी कर सकता है। एक साथ कई रेफरेंस इमेज का इस्तेमाल करके नया विजुअल तैयार करना भी इसकी खासियत है। इसके अलावा यह QR Code, एनिमेटेड GIF, चार्ट और छोटे विजुअल गेम जैसी चीजें बनाने में भी मदद करता है।
AI रेस में Meta ने बढ़ाई चुनौती
AI इमेज जनरेशन की दौड़ में Meta अब OpenAI, Google, Microsoft AI और xAI जैसी कंपनियों को सीधी चुनौती दे रहा है। 5 जुलाई के Arena AI Leaderboard के अनुसार, टेक्स्ट-टू-इमेज कैटेगरी में Muse Image को 1280 अंक मिले और यह दूसरे स्थान पर रहा। वहीं GPT Image 2 1385 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। सिंगल इमेज एडिट और मल्टी इमेज एडिट में भी Muse Image दूसरे स्थान पर रहा। वहीं Muse Video टेक्स्ट-टू-वीडियो कैटेगरी में तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
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प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल
Meta के नए AI टूल के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मामलों में यूजर किसी सार्वजनिक Instagram प्रोफाइल को टैग करके उसकी तस्वीर के आधार पर नई AI इमेज बना सकते हैं। यही फीचर प्राइवेसी और सहमति को लेकर बहस बढ़ा सकता है। हालांकि Meta का कहना है कि सभी AI तस्वीरों में Content Seal नाम का अदृश्य वॉटरमार्क रहेगा। यह फोटो क्रॉप, स्क्रीनशॉट या रीसाइज होने के बाद भी बना रहेगा, जिससे AI से बनी तस्वीर की पहचान की जा सकेगी।
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Meta का नया Muse Image AI इमेज और वीडियो बनाने की दुनिया में बड़ा कदम माना जा रहा है। शानदार फीचर्स के साथ यह यूजर्स को नए विकल्प देता है, लेकिन प्राइवेसी और तस्वीरों के इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल आने वाले समय में इसकी सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
