Amazon की इस हरकत पर भड़के यूजर्स, कोर्ट में पहुंचा मामला

Amazon की इस हरकत पर भड़के यूजर्स, कोर्ट में पहुंचा मामला

7 mins read
3 views
July 1, 2026

Amazon Prime Video: क्या आपने भी बिना विज्ञापन वाला Prime Video खरीदकर बाद में Ads देखे हैं? Amazon अब इसी तरह के एक बड़े विवाद में फंस गया है। ऑस्ट्रेलिया की प्रतिस्पर्धा नियामक संस्था ने Amazon Prime Video Ads मामले में कंपनी को अदालत में घसीट दिया है। आरोप है कि कंपनी ने पहले से भुगतान कर चुके ग्राहकों को विज्ञापन दिखाए और Ads हटाने के लिए अलग से पैसे मांगे।

Amazon Prime Video Ads विवाद ने नया मोड़ ले लिया, ऑस्ट्रेलिया के नियामक ने कंपनी पर लाखों ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे लेने का आरोप लगाया है।

Amazon Prime Video Ads विवाद क्या है?

ऑस्ट्रेलियन कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर कमीशन (ACCC) का कहना है कि 2024 में Amazon ने Prime Video पर विज्ञापन शुरू कर दिए। इससे पहले यह सेवा पूरी तरह विज्ञापन मुक्त थी। जिन ग्राहकों ने पहले ही A$79 देकर सालभर का Prime सब्सक्रिप्शन लिया था, उन्हें अचानक विज्ञापनों वाला कंटेंट दिखने लगा। अगर कोई बिना Ads के वीडियो देखना चाहता था, तो उसे हर महीने अतिरिक्त A$2.99 चुकाने के लिए कहा गया। नियामक के अनुसार, उस समय 8.5 लाख से ज्यादा वार्षिक ग्राहक पहले ही पूरे साल की फीस जमा कर चुके थे।

Amazon पर क्या-क्या आरोप लगे हैं?

ACCC का आरोप है कि Amazon ने अपने कॉन्ट्रैक्ट में ऐसी 5 शर्तें शामिल की थीं, जिनके आधार पर कंपनी बिना ग्राहकों की सहमति के सेवा में बड़े बदलाव कर सकती थी।

आरोपों के मुख्य बिंदु:

  • 10 लाख से ज्यादा वार्षिक Prime सदस्य प्रभावित हुए।
  • मामला 1 नवंबर 2023 से 18 अगस्त 2025 के बीच के ग्राहकों से जुड़ा है।
  • ग्राहकों को न कोई रिफंड मिला और न ही उचित मुआवजा दिया गया।
  • नियामक का दावा है कि Amazon ने अनुचित अनुबंध शर्तों का इस्तेमाल किया।

ACCC का कहना है कि कंपनी ने पहले से खरीदी गई सेवा की शर्तें बदल दीं, जिससे उपभोक्ताओं के अधिकार प्रभावित हुए।

READ MORE: Netflix पर अब देखें शॉर्ट वीडियो Reels

Amazon ने क्या जवाब दिया?

Amazon Australia ने कहा है कि वह अदालत में दायर मामले की विस्तार से समीक्षा कर रही है। कंपनी का दावा है कि उसने जांच के दौरान नियामक एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया है। हालांकि, ACCC अदालत से Amazon पर आर्थिक जुर्माना, ग्राहकों को मुआवजा, कानूनी खर्च और अन्य जरूरी आदेश जारी करने की मांग कर रही है।

Prime Video यूजर्स पर क्या असर पड़ सकता है?

Prime Video 2018 से ऑस्ट्रेलिया में उपलब्ध है और यह Amazon Prime सदस्यता का हिस्सा है। इसमें वीडियो स्ट्रीमिंग के साथ तेज़ डिलीवरी और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। अगर अदालत ACCC के पक्ष में फैसला देती है, तो Amazon को अपनी सब्सक्रिप्शन नीति बदलनी पड़ सकती है। इसका असर भविष्य में दूसरे देशों की डिजिटल सब्सक्रिप्शन सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है।

READ MORE: Amazon ने डिलीवरी नेटवर्क को बनाया बिजनेस सर्विस प्लेटफॉर्म

Amazon Prime Video Ads विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल चुका है। अदालत का फैसला सिर्फ Amazon ही नहीं, बल्कि पूरी डिजिटल सब्सक्रिप्शन इंडस्ट्री के लिए अहम साबित हो सकता है। अब सभी की नजर इस मामले के अगले चरण पर टिकी है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Bitcoin धड़ाम, 21 महीने के निचले स्तर से बाजार में खलबली
Previous Story

Bitcoin धड़ाम, 21 महीने के निचले स्तर से बाजार में खलबली

Latest from Entertainment

Don't Miss