FCA Crypto Rules: ब्रिटेन के वित्तीय नियामक Financial Conduct Authority (FCA) ने स्टेबलकॉइन और डिजिटल एसेट्स के लिए नए नियमों का अंतिम मसौदा जारी कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियों के लिए न्यूनतम पूंजी की शर्त 2% से घटाकर 1% कर दी गई है। यह नया ढांचा 25 अक्टूबर 2027 से लागू होगा।
UK ने Crypto Regulation का नया ढांचा किया जारी, जानिए Stablecoin नियमों में क्या बदलाव हुए, कब से लागू होंगे और इसका कंपनियों व निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा।
Stablecoin नियमों में मिली बड़ी राहत
FCA ने उद्योग से मिले सुझावों के बाद कई नियमों को आसान बनाया है। पहले प्रस्ताव था कि कंपनियां हर समय ग्राहकों द्वारा स्टेबलकॉइन वापस लेने की संभावित मांग का अनुमान लगाती रहें। अब यह शर्त हटा दी गई है।
इसके बदले कंपनियों को अपने रिजर्व में 5% अतिरिक्त नकद रखना होगा। इससे अचानक निकासी की स्थिति में भी स्टेबलकॉइन की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। FCA के डिजिटल फाइनेंस प्रमुख डेविड गीले ने कहा कि शुरुआती प्रस्ताव बाजार की जरूरतों से ज्यादा सख्त थे, इसलिए उन्हें व्यावहारिक बनाया गया।
ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा पर खास फोकस
नए नियमों में ग्राहकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। स्टेबलकॉइन के समर्थन में रखी जाने वाली नकदी को अब एक विशेष कानूनी ट्रस्ट में रखना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि अगर कोई कंपनी दिवालिया भी हो जाए, तब भी ग्राहकों की जमा राशि पर उसके लेनदार दावा नहीं कर सकेंगे।
इसके अलावा कंपनियों को सीमित दायरे में समूह के भीतर कस्टडी सेवाओं की अनुमति भी दी गई है। खास परिस्थितियों में ग्राहकों को पैसा लौटाने की समय-सीमा भी पहले से अधिक लचीली बनाई गई है। हालांकि, जिन स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होगा, उनकी निगरानी केवल FCA नहीं बल्कि Bank of England और HM Treasury भी करेंगे।
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ब्रिटेन बना रहा डिजिटल एसेट्स का मजबूत इकोसिस्टम
ब्रिटेन केवल नियम आसान नहीं कर रहा, बल्कि पूरे डिजिटल एसेट सेक्टर को संगठित रूप से विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। इसी साल FCA ने करीब 20 आवेदनों में से 4 कंपनियों को स्टेबलकॉइन रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के लिए चुना है। इन कंपनियों में पेमेंट सिस्टम, क्रिप्टो ट्रेडिंग और डिजिटल सेटलमेंट से जुड़े नए प्रयोग किए जाएंगे। इसके साथ ही FCA और Bank of England ने टोकनाइजेशन के लिए साझा रोडमैप भी जारी किया है। इस पर 3 जुलाई 2026 तक उद्योग से सुझाव मांगे गए हैं।
क्रिप्टो कंपनियों के लिए क्या होंगे फायदे?
विशेषज्ञों का मानना है कि पूंजी की शर्त कम होने से नई कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश आसान होगा। साथ ही स्पष्ट नियम मिलने से निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- न्यूनतम पूंजी आवश्यकता 2% से घटकर 1%।
- रिजर्व में 5% अतिरिक्त नकद रखना अनिवार्य।
- ग्राहकों की राशि कानूनी ट्रस्ट में सुरक्षित रहेगी।
- नए नियम 25 अक्टूबर 2027 से लागू होंगे।
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ब्रिटेन का यह कदम वैश्विक क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए अहम माना जा रहा है। एक तरफ निवेशकों की सुरक्षा मजबूत की गई है, तो दूसरी ओर कंपनियों पर नियमों का बोझ कम किया गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 2027 में नए नियम लागू होने के बाद ब्रिटेन डिजिटल एसेट्स और स्टेबलकॉइन कारोबार का बड़ा वैश्विक केंद्र बन पाता है या नहीं।
