Foreign Portfolio Investment: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती लोकप्रियता भारत के लिए चुनौती बन रही है? ताज़ा आंकड़े कुछ ऐसा ही संकेत दे रहे हैं। दुनिया भर के निवेशक तेजी से AI से जुड़े बाजारों में पैसा लगा रहे हैं, जबकि भारत से विदेशी निवेश का प्रवाह कमजोर पड़ता दिख रहा है।
SpaceX, OpenAI, Anthropic के IPO से भारत में FII निवेश पर पड़ सकता है असर, जानें EPFR के Cameron Brandt ने क्या कहा।
AI निवेश की ओर बढ़ रहा वैश्विक पैसा
EPFR Global के रिसर्च डायरेक्टर कैमरून ब्रांट के मुताबिक, AI निवेश से जुड़े टेक्नोलॉजी फंड्स में लगातार रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। खासतौर पर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजार निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। ब्रांट का कहना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत और मुनाफे को लेकर सवाल जरूर हैं, लेकिन निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। AI सेक्टर में पूंजी का प्रवाह अभी भी तेजी से बढ़ रहा है।
भारत से निकले 770 मिलियन डॉलर
Elara Capital की 12 जून की ग्लोबल लिक्विडिटी ट्रैकर रिपोर्ट के अनुसार, 4 से 10 जून के बीच भारत से 770 मिलियन डॉलर की विदेशी निकासी दर्ज की गई। इसमें से 460 मिलियन डॉलर केवल भारत-केंद्रित फंड्स से निकाले गए। विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशक फिलहाल उन बाजारों की तरफ बढ़ रहे हैं जहां AI से जुड़ी कंपनियां और अवसर अधिक दिखाई दे रहे हैं।
SpaceX और OpenAI भी बढ़ा रहे आकर्षण
बाजार में संभावित IPO को लेकर भी उत्साह बना हुआ है। निवेशकों की नजर SpaceX, OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों पर टिकी है। ब्रांट के अनुसार, कुछ निवेशक SpaceX को सिर्फ स्पेस कंपनी नहीं बल्कि Starlink के जरिए एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि टेक्नोलॉजी के साथ टेलीकॉम फंड्स में भी निवेश बढ़ा है।
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क्या भारत के लिए चिंता की बात है?
रिपोर्ट बताती है कि उभरते बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन पिछले एक साल और तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI तकनीक के व्यापक उपयोग से भारत को भी फायदा मिल सकता है।
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फिलहाल वैश्विक निवेशकों का फोकस AI सेक्टर पर है और इसका असर भारत में विदेशी निवेश पर दिखाई दे रहा है। हालांकि लंबे समय में AI आधारित सेवाओं और नवाचारों से भारत के लिए नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
