Oil Price India: देश में Diesel Petrol Pump Ban 2026 को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल पंप से फैक्ट्रियों और बड़े कारोबारियों के डीज़ल खरीदने पर रोक लगा दी है। साथ ही हर ग्राहक के लिए रोजाना 200 लीटर की सीमा तय कर दी गई है। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से पैदा हुए ईंधन संकट और सप्लाई बाधाओं के बीच उठाया गया है। यह सरकारी आदेश 11 जून, 2026 को जारी किया गया था और अगले 90 दिनों तक लागू रहेगा। ज़रूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
West Asia Crisis के बीच सरकार का बड़ा फैसला! अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल खरीद सकेंगे, जानें नया नियम अभी।
नया नियम क्या है और किस पर लागू होगा
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी ग्राहक या वाहन पेट्रोल पंप से एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं खरीद सकेगा। इतना ही नहीं, पेट्रोल पंप से खरीदा गया डीजल आगे बेचा भी नहीं जा सकेगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब फैक्ट्रियां, टेलीकॉम टावर, बड़ी संस्थाएं और औद्योगिक इकाइयां पेट्रोल पंप से डीजल या पेट्रोल नहीं खरीद पाएंगी। उन्हें अब सिर्फ अधिकृत बल्क सप्लाई प्वाइंट या डेडिकेटेड पंप से ही ईंधन लेना होगा। सरकार ने ऑयल कंपनियों को सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला
इस फैसले की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष है। इससे वैश्विक तेल सप्लाई और शिपिंग रूट प्रभावित हुए हैं। खासकर Strait of Hormuz में बाधा आने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ा है। भारत में भी डीजल के दामों में बड़ा अंतर सामने आया। दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत करीब 95.20 प्रति लीटर है, जबकि बल्क सप्लाई में यह लगभग 134.50 प्रति लीटर तक पहुंच जाती है। इस 39 के अंतर ने बड़े उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप की ओर मोड़ दिया, जिससे आम ग्राहकों पर दबाव बढ़ने लगा।
किस पर पड़ेगा असर और किसे राहत
सरकार ने साफ किया है कि आम डीजल वाहन मालिकों पर इसका कोई खास असर नहीं होगा। भारत में कारों के टैंक आमतौर पर 35 से 60 लीटर तक के होते हैं। जबकि बाइक में लगभग 10 लीटर ही ईंधन आता है इसलिए निजी वाहन चालकों के लिए 200 लीटर की लिमिट कोई बाधा नहीं बनेगी। असली असर उन बड़ी कंपनियों और उद्योगों पर पड़ेगा जो सस्ते दाम के लिए पेट्रोल पंप का इस्तेमाल कर रहे थे।
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नियम तोड़ने पर क्या होगा और आगे क्या असर
अगर कोई संस्था या ग्राहक नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ Essential Commodities Act के तहत कार्रवाई होगी। सरकार ने राज्यों को भी निर्देश दिए हैं कि वे जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर नजर रखें। हाल के महीनों में ईंधन कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल 4.75 और डीजल 4.82 प्रति लीटर महंगा हुआ है। सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह कदम जरूरी था।
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Diesel Petrol Pump Ban 2026 के तहत लिया गया यह फैसला सप्लाई सिस्टम को नियंत्रित करने की बड़ी कोशिश है। इससे बड़े उपभोक्ताओं पर सख्ती बढ़ेगी, जबकि आम जनता की जरूरतों पर खास असर नहीं पड़ेगा।
