AI email security: एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का लगातार प्रभाव बढ़ रहा है। वहीं, दूसरी साइबर अपराधी भी हमले के नए- नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले तो फर्जी ईमेल बड़ी ही आसानी से पकड़ में आ जाती थी। लेकिन अब हैकर्स भी एडवांस हो गए हैं। वे एआई की मदद से असली जैसा ईमेल तैयार कर हमले को अंजाम दे रहे हैं। इन ईमेल मे कंपनी के वास्तविक प्रोजेक्ट का जिक्र होता है। जिसे कंपनी के कर्मचारी भी असली समझ बैठते हैं। इससे कर्मचारियों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
अब साइबर अपराधी एआई की मदद से असली जैसे भेज रहे हैं ईमेल, जानिए Ocean का नया एजेंटिक ईमेल सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म ऐसे हमलों को रोकता है…जानें डिटेल्स में।
Ocean स्टार्टअप चर्चा में
इसी खतरों के बीच एक नाम बड़ी तेजी उभर कर सामने आ रही है। नाम है Ocean। जिसकी इनदिनों काफी चर्चाएं हो रही है। यह न्यूयॉर्क और तेल अवीव की स्टार्टअप कंपनी है। कंपनी ने 28 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। इसमें जानेमाने कंपनी Lightspeed Venture Partners, Picture पिक्चर कैपिटल सहित कई अन्य कंपनियों ने भी इसमें निवेश किया है। बता दें कि इसकी स्थापना 2024 में Shay Shwartz और Oran Moyal ने की थी।
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एआई एजेंट्स कैसे करते हैं काम
कंपनी का प्लेटफॉर्म एआई एजेंट्स पर काम करता है। ये एजेंट आने वाले सभी ईमेल की जांच करते हैं। ये लिखे हुए या अटैच्ड कंटेट को तो देखते ही हैं। साथ ही, ईमेल के पीछे की मंशा समझने की कोशिश करते हैं। सिस्टम बातचीत का संदर्भ चेक करता है। लिंक, फाइल, पहचान और वित्तीय अनुरोध भी स्कैन करता है। इससे संदिग्ध गतिविधि जल्दी पकड़ में आती है।
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फर्जी ईमेल पकड़ने पर विशेष ध्यान
इस कंपनी का ध्यान बड़े साइबर हमलों पर है। इसमें बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज, वेंडर फ्रॉड और एआई जनरेटेड फिशिंग भी शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि उसका सिस्टम पारंपरिक स्पैम फिल्टर से ज्यादा स्मार्ट है। यह उन ईमेल्स को भी पकड़ सकता है जो देखने में पूरी तरह असली लगते हैं। यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को रियल-टाइम अलर्ट भी देता है। अगर कोई संदिग्ध ईमेल आता है तो सिस्टम तुरंत चेतावनी देता है।
मतलब साफ है खतरा सिर्फ फर्जी ईमेल से नहीं है। खतरा जैसे दिखने वाले फर्जी ईमेल से भी है। इसलिए एआई आज के समय और प्रासांगिक हो गई है।
