दक्षिण कोरिया की BDACS और Aptos Foundation की बड़ी साझेदारी

दक्षिण कोरिया की BDACS और Aptos Foundation की बड़ी साझेदारी

8 mins read
3 views
May 13, 2026

BDACS Aptos Partnership: दक्षिण कोरिया (South Korea) की डिजिटल एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी BDACS ने Aptos Foundation के साथ एक रणनीतिक साझेदारी (MoU) की घोषणा की है। इस साझेदारी का मकसद KRW1 नाम के स्टेबलकॉइन (Stablecoin) के जरिए एक नया ऑन-चेन कॉमर्स इकोसिस्टम तैयार करना है। KRW1 को दुनिया का पहला कोरियन वॉन (KRW) पेग्ड स्टेबलकॉइन (Stablecoin News) बताया जा रहा है।

KRW1 Stablecoin को मिला Aptos ब्लॉकचेन का सपोर्ट। पढ़ें BDACS और Aptos Foundation की नई साझेदारी, डिजिटल पेमेंट और ऑन-चेन कॉमर्स पर इसका क्या असर होगा।

इस समझौते के तहत KRW1 को खास तौर पर Aptos Blockchain Network के साथ जोड़ा जाएगा। दोनों कंपनियों का कहना है कि मल्टी-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति के जरिए स्टेबलकॉइन (KRW1 Stablecoin) की पहुंच, लिक्विडिटी और असली दुनिया में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।

KRW1 को मिलेगा Aptos नेटवर्क का सपोर्ट

यह साझेदारी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार होगा जब KRW1 को Aptos Move Ecosystem में जोड़ा जाएगा। इससे पहले यह स्टेबलकॉइन सिर्फ Ethereum आधारित सिस्टम तक सीमित था। अब गैर-EVM ब्लॉकचेन नेटवर्क पर भी इसकी पहुंच बढ़ेगी।

कंपनियों का मानना है कि इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्टेबलकॉइन का उपयोग तेजी से बढ़ सकता है। खासतौर पर डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन कॉमर्स सेक्टर में इसका बड़ा फायदा देखने को मिल सकता है।

रोजमर्रा के भुगतान में स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी

BDACS और Aptos Foundation ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ तकनीकी साझेदारी तक सीमित नहीं है। दोनों मिलकर ऐसे सिस्टम तैयार करना चाहते हैं, जहां ब्लॉकचेन वॉलेट इंटीग्रेशन, पेमेंट कनेक्टिविटी और बड़े मोबाइल गिफ्टिंग प्लेटफॉर्म में स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल हो सके। इस पहल का मकसद एक ऐसा पारदर्शी डिजिटल पेमेंट (Transparent Digital Payments) सिस्टम बनाना है, जहां लोग रोजमर्रा की खरीदारी और वित्तीय लेनदेन में स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल आसानी से कर सकें।

BDACS के CEO हैरी रयू (Harry Ryoo) ने कहा कि Aptos का इंफ्रास्ट्रक्चर KRW1 जैसे डिजिटल फाइनेंस प्रोजेक्ट्स को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने के लिए मजबूत आधार देता है। उनके मुताबिक, यह साझेदारी KRW1 को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में लोकप्रिय बनाने में मदद करेगी।

READ MORE: 2 अरब डॉलर के क्रिप्टो प्रोटोकॉल्स ने LayerZero से बनाई दूरी

Aptos तेजी से बना रहा मजबूत ब्लॉकचेन इकोसिस्टम

Aptos एक हाई-परफॉर्मेंस Layer-1 Blockchain है, जिसे Meta के पुराने Diem प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने विकसित किया था। कंपनी टोकनाइज्ड फाइनेंस और संस्थागत ब्लॉकचेन सिस्टम में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाने पर काम कर रही है।

ऑनचेन डेटा के अनुसार, Aptos नेटवर्क पर फिलहाल 580 मिलियन डॉलर से ज्यादा के Tokenized Real World Assets (RWA) मौजूद हैं। वहीं, करीब 1.7 बिलियन डॉलर के Stablecoins इस नेटवर्क पर चल रहे हैं। इस नेटवर्क के साथ BlackRock, Franklin Templeton, Apollo और NBCUniversal जैसी बड़ी संस्थाएं भी जुड़ चुकी हैं।

READ MORE: अमेरिका में Crypto कानून पर बड़ा कदम, 14 मई अहम

एशिया में बढ़ रही Stablecoin की प्रतिस्पर्धा

एशिया में स्टेबलकॉइन अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। कई कंपनियां और ब्लॉकचेन नेटवर्क डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की होड़ में हैं। ऐसे में KRW1 और Aptos की यह साझेदारी भविष्य में डिजिटल पेमेंट और ब्लॉकचेन आधारित फाइनेंशियल सर्विसेज को नई दिशा दे सकती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Google Android Show I/O 2026: Google ने खोले अपने फ्यूचर प्लान
Previous Story

Google Android Show I/O 2026: Google ने खोले अपने फ्यूचर प्लान

Elon Musk का बड़ा कदम: Anthropic को मिला सुपरकंप्यूटर, AI रफ्तार तेज
Next Story

Elon Musk का बड़ा कदम: Anthropic को मिला सुपरकंप्यूटर, AI रफ्तार तेज

Latest from Cryptocurrency

Don't Miss