Share Market Crash: आज भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है और गिरावट लगातार गहराती जा रही है। सुबह से ही निवेशकों में घबराहट दिखी, जिसका असर पूरे बाजार पर साफ नजर आया।
कमजोर शुरुआत से बढ़ी चिंता
आज कारोबार की शुरुआत ही गिरावट के साथ हुई। Sensex करीब 850 अंक टूटकर 76,646 पर खुला। वहीं Nifty 50 भी 265 अंक गिरकर 23,914 के स्तर पर खुला। जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, गिरावट और बढ़ती गई। अभी सेंसेक्स करीब 922 अंक नीचे 76,600 के आसपास बना हुआ है, जबकि निफ्टी 302 अंक गिरकर 23,875 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
कच्चे तेल की तेजी, वैश्विक अनिश्चितता और डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख से शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों की मुनाफावसूली बढ़ी।
बैंकिंग शेयरों में भारी दबाव
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा असर बैंकिंग सेक्टर पर पड़ा है। बैंकिंग इंडेक्स करीब 1.5% तक गिर चुका है। इसके अलावा Adani Energy Solutions, Zomato और PFC व REC जैसे शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। इन बड़े शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल और कमजोर हो गया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर रहता है, जिससे निवेशक सतर्क हो जाते हैं और शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ जाती है।
फेड के सख्त रुख से बढ़ा डर
अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसका सख्त रुख निवेशकों को चिंतित कर रहा है। बाजार को डर है कि आगे चलकर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से ग्लोबल मार्केट में भी कमजोरी देखी जा रही है।
लंबी छुट्टी से पहले मुनाफावसूली
1 मई को महाराष्ट्र दिवस के कारण शेयर बाजार बंद रहेगा। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी भी है। लगातार तीन दिन बाजार बंद रहने वाले हैं, इसलिए निवेशक पहले ही अपने सौदे कम कर रहे हैं। इसे ही मुनाफावसूली कहा जाता है, और इसका सीधा असर बाजार पर गिरावट के रूप में दिख रहा है।
एशियाई बाजारों से मिला कमजोर संकेत
आज एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला लेकिन ज्यादातर कमजोर रुख रहा। जापान का Nikkei 225 करीब 0.91% गिरा और टॉपिक्स इंडेक्स 1.48% नीचे रहा। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी थोड़ा ऊपर रहा, लेकिन कुल मिलाकर माहौल दबाव वाला ही रहा। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी कमजोर स्तर पर ट्रेड करता नजर आया।
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वॉल स्ट्रीट और वैश्विक तनाव का असर
अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयानों ने वैश्विक तनाव को बढ़ा दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक कोई परमाणु समझौता नहीं हो जाता, अमेरिका अपनी नौसैनिक घेराबंदी जारी रखेगा।
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कच्चे तेल का ताजा हाल
WTI क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर के करीब पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती तेल कीमतें बाजार के लिए चिंता का बड़ा कारण बनी हुई हैं। कच्चे तेल की महंगाई, फेड का सख्त रुख, वैश्विक तनाव और लंबी छुट्टी से पहले की बिकवाली, इन सभी कारणों से बाजार पर दबाव बना हुआ है।
