Stock Market India: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही है। निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल दिखा, जिसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी तनाव है। सुबह 9:15 बजे के आसपास BSE Sensex 73,300 के नीचे खुला और इसमें 800 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, NSE Nifty 50 करीब 22,700 के स्तर पर खुला, जो लगभग 250 अंक नीचे था।
शेयर बाजार में आज कमजोरी, सेंसेक्स 73,300 के नीचे और निफ्टी 22,700 पर खुला। बढ़ते क्रूड ऑयल दाम, ईरान तनाव और RBI फैसले से निवेशकों में सतर्कता बढ़ी।
हालांकि, प्री-ओपन सेशन में थोड़ी मजबूती देखने को मिली थी। सुबह 9:01 बजे के करीब सेंसेक्स लगभग 300 अंक चढ़कर 74,400 के पास पहुंच गया था। वहीं, निफ्टी हल्की गिरावट के साथ 22,900 के ऊपर बना हुआ था। GIFT निफ्टी भी कमजोरी दिखा रहा था और 22,885 पर ट्रेड कर रहा था, जो 172 अंक यानी 0.75% नीचे था। इससे पहले ही संकेत मिल गए थे कि बाजार कमजोर खुल सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। Brent Crude 110.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI Crude Oil 113.31 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। Strait of Hormuz में जारी तनाव के कारण सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ गया है। यह रास्ता दुनिया के तेल सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए यहां कोई भी समस्या सीधे बाजार पर असर डालती है।
ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव
निवेशकों की चिंता उस समय और बढ़ गई जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित सीजफायर को खारिज कर दिया। उन्होंने इसे ‘पर्याप्त नहीं’ बताया और चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया जा सकता है। वहीं, ईरान ने कहा है कि वह स्थायी समाधान चाहता है, जिससे स्थिति और अनिश्चित बनी हुई है।
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RBI के फैसले पर टिकी नजर
घरेलू स्तर पर अब निवेशकों की नजर Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर है। यह फैसला बुधवार को आने वाला है। निवेशक जानना चाहते हैं कि RBI महंगाई, आर्थिक विकास और ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है। यही बाजार की आगे की दिशा तय करेगा।
पिछले दिन बाजार में आई थी तेजी
सोमवार को बाजार ने मजबूत वापसी की थी। सेंसेक्स 787.30 अंक (1.07%) चढ़कर 74,106.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 255.15 अंक (1.12%) बढ़कर 22,968.25 पर पहुंच गया। यह तेजी वैल्यू बाइंग, कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी और मध्य-पूर्व में सीजफायर की उम्मीदों के कारण आई थी।
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आगे क्या रहेगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। तेल की कीमतें, पश्चिम एशिया की स्थिति और RBI का फैसला ये तीन मुख्य कारक ही बाजार की दिशा तय करेंगे। अगर तनाव कम होता है तो बाजार को राहत मिल सकती है, लेकिन हालात बिगड़ने पर दबाव बना रहेगा।
