Perplexity Data Privacy: Perplexity AI अब विवादों में आ गया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने यूजर्स का निजी डेटा बिना अनुमति के Google और Meta जैसी बड़ी कंपनियों के साथ शेयर किया है। इस मामले में एक यूजर ने केस दर्ज किया है।
Perplexity AI पर यूजर्स का डेटा Google और Meta के साथ शेयर करने का आरोप लगा है। यूजर ने कोर्ट में करवाया केस दर्ज।
यूजर का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, यूजर ने Perplexity के चैटबॉट में अपनी निजी जानकारी शेयर की थी। इसमें परिवार की फाइनेंशियल डिटेल्स, टैक्स से जुड़ी जानकारी और निवेश से जुड़ी रणनीतियां शामिल थीं। यूजर का आरोप है कि यह इम्पोर्टेंट जानकारी थर्ड पार्टी तक पहुंचाई गई, जो चिंता की बात है।
केस में क्या कहा गया
यह मामला 31 मार्च को सैन फ्रांसिस्को की फेडरल कोर्ट में दर्ज किया गया। शिकायत के मुताबिक, जैसे ही यूजर Perplexity की वेबसाइट पर लॉग इन करता है, उसके डिवाइस पर ट्रैकर्स इंस्टॉल हो जाते हैं। इन ट्रैकर्स के जरिए Meta और Google यूजर्स और AI चैटबॉट्स के बीच होने वाली बातचीत तक पहुंच हासिल कर सकते हैं।
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Incognito मोड पर भी सवाल
मुकदमे में यह भी कहा गया है कि Perplexity का Incognito मोड भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसमें भी यूजर्स का डेटा शेयर हो सकता है। शिकायत के अनुसार, इस डेटा का इस्तेमाल टारगेटेड विज्ञापन के लिए किया जा सकता है या फिर इसे अन्य कंपनियों के साथ भी साझा किया जा सकता है।
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कंपनियों का जवाब
Perplexity ने कहा है कि उन्हें इस तरह के किसी केस की जानकारी नहीं है और वह इन दावों की पुष्टि नहीं कर सकते। वहीं, Meta ने कहा कि उनके नियमों के अनुसार संवेदनशील डेटा शेयर करने की अनुमति नहीं है। अभी यह मामला कोर्ट में है और सभी आरोपियों को निर्दोष माना जाएगा जब तक दोष साबित न हो। यह घटना AI प्लेटफॉर्म पर डेटा प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंता को दिखाती है।
