ऐप-डाउनलोड-से-पहले-उम्र-की-जांच!-Apple-ने-लगाया-‘Age-Lock

ऐप डाउनलोड से पहले उम्र की जांच! Apple ने लगाया ‘Age Lock’

6 mins read
1 views
February 26, 2026

Apple Age Verification: डिजिटल दुनिया बदल रही है। नियम सख्त हो रहे हैं। टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे माहौल में Apple ने बड़ा कदम उठाया है। कुछ देशों और अमेरिकी राज्यों में अब 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए ऐप डाउनलोड करना आसान नहीं रहेगा। उम्र की पुष्टि अनिवार्य होगी।

18+ ऐप्स पर सख्ती बढ़ी। Apple के नए नियमों से यूजर्स, पैरेंट्स और डेवलपर्स पर क्या असर पड़ेगा, जानिए विस्तार से।

कानूनों के दबाव में टेक दिग्गज

पिछले कई महीनों से प्राइवेसी को लेकर टेक कंपनियों पर सवाल उठते रहे हैं। कई देशों ने तो कई Social Media प्लेटफॉर्म पर अस्थाई बैन भी लगा दिया। इन सबसे टेक कंपनियों को जहां आर्थिक हानि से गुजरना पड़ रहा था वहीं दूसरी ओर कानूनी पचरे में फसकर अपना बहुमुल्य समय गवांना पर रहा था। ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील और सिंगापुर में 24 फरवरी 2026 से 18+ ऐप्स डाउनलोड करने के लिए उचित तरीके से उम्र साबित करनी होगी। ब्राज़ील में जिन ऐप्स में लूट बॉक्स हैं, उन्हें सीधे 18+ श्रेणी में डाला जाएगा। यह कदम सिर्फ नीति नहीं है। यह आने वाले कड़े कानूनों की तैयारी है।

डेवलपर्स को मिला नया हथियार

Apple ने डेवलपर्स के लिए Declared Age Range API पेश किया है। यह टूल iOS, iPadOS और macOS पर काम करेगा। इससे ऐप डेवलपर्स को यूजर की आयु श्रेणी से जुड़े संकेत मिलेंगे। यानी अब जिम्मेदारी सिर्फ ऐप स्टोर की नहीं, डेवलपर की भी होगी।

READ MORE-  AGI की दहलीज पर Amazon को झटका, टॉप AI लीडर David Luan ने छोड़ी कमान

यूटा और लुइसियाना में सख्त नियम

6 मई 2026 से यूटा में नया कानून लागू होगा। 1 जुलाई 2026 से लुइसियाना में भी। यदि कोई यूजर 18 साल से कम है, तो उसे अपने अकाउंट को माता-पिता से लिंक करना होगा। कुछ ऐप्स के लिए पैरेंटल परमिशन जरूरी होगी। टेक्सास ने भी ऐसा कानून पास किया है। कैलिफोर्निया 2027 में इसी दिशा में कदम बढ़ाएगा। सवाल है कि भारत कब उठाएगा?

READ MORE-  Apple ला रहा है वीडियो स्ट्रीमिंग का बड़ा अपडेट…आप भी जान लीजिए

सुरक्षा बनाम निजता की बहस

सरकारों का  तर्क साफ है। बच्चों को ऑनलाइन शोषण और आर्थिक नुकसान से बचाना जरूरी है। लेकिन आलोचक सवाल उठा रहे हैं। Electronic Frontier Foundation का कहना है कि ऐसा सिस्टम निजी डेटा को स्टोर कर सकता है। अगर यह डेटा गलत हाथों में गया तो खतरा बढ़ सकता है।

सवाल- क्या यह कदम बच्चों को सुरक्षित?

यह सिर्फ शुरुआत है। उम्र आधारित नियम आने वाले समय में और सख्त हो सकते हैं। टेक कंपनियों को कानून और प्राइवेसी के बीच संतुलन बनाना होगा। सवाल यही है। क्या यह कदम बच्चों को सुरक्षित करेगा, या डिजिटल निगरानी का नया दौर शुरू करेगा?

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

कीबोर्ड-की-छुट्टी-Perplexity-लाया-फुल-वॉयस-कंट्रोल
Previous Story

कीबोर्ड की छुट्टी! Perplexity लाया फुल वॉयस कंट्रोल

Latest from Latest news

Don't Miss