BESCOM Cyber Security: बैंगलोर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड ने अपने डिजिटल सिस्टम्स की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए Cyber Security Operations Centre स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह कदम भारत में बढ़ते साइबर खतरों के बीच उठाया गया है, ताकि बिजली वितरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
BESCOM ने बैंगलोर में Cyber Security Operations Centre स्थापित किया है, जो AI और मशीन लर्निंग का उपयोग करके डिजिटल और ऑटोमेटेड सिस्टम्स को साइबर खतरों से सुरक्षित रखेगा।
BESCOM ने अपने हेड ऑफिस, KR Circle, बैंगलोर में इस सेंटर के डिजाइन, संचालन और रख-रखाव के लिए टेंडर जारी किया है। इसका उद्देश्य कंपनी के IT और OT सिस्टम्स को सुरक्षा प्रदान करना है। कंपनी स्मार्ट मीटर और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर तेजी से काम कर रही है।
AI आधारित सुरक्षा
BESCOM अधिकारी के अनुसार, यह कंपनी का पहला पूर्ण आकार का Security Operations Centre होगा, जिसमें AI और मशीन लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। सेंटर रियल-टाइम में साइबर खतरों का पता लगाएगा और उनका मुकाबला करेगा।
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C-SOC निम्नलिखित खतरों को मॉनिटर करेगा।
- वल्नरेबिलिटी स्कैन और पासवर्ड क्रैकिंग
- मैलवेयर अटैक और अनधिकृत एक्सेस
- नेटवर्क में घुसपैठ की कोशिशें
- डिनायल-ऑफ-सर्विस (DoS/DDoS) अटैक
सेंटर BESCOM की मोबाइल एप्लिकेशन, वेब प्लेटफॉर्म और पब्लिक क्लाउड सर्विसेज से जुड़ा होगा।
परियोजना की लागत
इस प्रोजेक्ट का कुल अनुमानित बजट लगभग 30 करोड़ रुपये है।
- सेटअप और लाइसेंसिंग: 3.6 करोड़
- मेंटेनेंस और तकनीकी सब्सक्रिप्शन: 16.1 करोड़
- मानव संसाधन: 9.9 करोड़
BESCOM कर्नाटक के 8 जिलों में बिजली वितरित करता है और 2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को सेवाएं देता है। जैसे-जैसे कंपनी का वितरण चैनल ऑटोमेटेड और डिजिटल होता जा रहा है, साइबर खतरों की गंभीरता बढ़ रही है।
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लेयर्ड सुरक्षा मॉडल
C-SOC में लेयर्ड सिक्योरिटी मॉडल अपनाया जाएगा। कॉर्पोरेट IT सिस्टम्स को फील्ड OT नेटवर्क से अलग रखा जाएगा ताकि नेटवर्क ब्रेच की संभावना कम हो। सिस्टम में AI-आधारित एनालिटिक्स, बिहेवियर ऑब्जर्वेशन और ग्लोबल थ्रेट फीड्स का उपयोग होगा। सर्वर, एंडपॉइंट, OT कंट्रोलर्स, IoT डिवाइस और क्लाउड सिस्टम लॉग्स का रियल-टाइम में विश्लेषण होगा और जरूरत पड़ने पर ऑटोमेटेड रिस्पॉन्स जारी होगा।
