Android Update: आज के समय में Smartphone अब केवल कॉल और मैसेज का साधन नहीं रह गया है। इनमें लोगों के जरूरी दस्तावेज़, पासवर्ड और निजी जानकारी भी इनमें सुरक्षित रहती है। यही कारण है कि बड़ी टेक कंपनियां लगातार ऐसे फीचर ला रही हैं जो डेटा को सुरक्षित रखने और चोरी या नुकसान के खतरे को कम करे। इसी सिलसिले में Google Play services नया फीचर ला रही है। तो आइए जानते हैं इस फीचर के खासियत के बारे में विस्तरा से।
जरूरी फाइलें खोने और फोन चोरी होने की चिंता अब हो सकती कम… Android और iPhone दोनों प्लेटफॉर्म नए सुरक्षा और बैकअप फीचर। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
डाउनलोड फाइलें भी रहेंगी सुरक्षित
मिल रही जानकारी के अनुसार, Google Play services में एक ऐसा फीचर जोड़ा जा रहा है जो फोन में डाउनलोड किए गए दस्तावेज़ों को अपने-आप क्लाउड पर सुरक्षित रख सकेगा। यह बैकअप सीधे Google Drive से जुड़ा होगा। जिससे यूज़र किसी भी डिवाइस से फाइलें खोल सकेंगे।
मौजूदा बैकअप से अलग सोच
अब तक Android का बैकअप सिस्टम मुख्य रूप से ऐप्स और सिस्टम से जुड़े डेटा तक सीमित था। नए बदलाव के बाद पहली बार डाउनलोड किए गए दस्तावेज़ों को भी अलग से सुरक्षित रखने पर जोर दिया जा रहा है। फोन के Download फ़ोल्डर की फाइलें Drive में एक नए फ़ोल्डर में अपने-आप सेव हो सकती हैं।
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कई डिवाइस वालों को मिल सकता है ज्यादा फायदा
अगर यह फीचर सिंकिंग सपोर्ट के साथ आता है, तो एक ही Google अकाउंट से जुड़े फोन और टैबलेट में डाउनलोड की गई फाइलें एक साथ दिखाई दे सकती हैं। इससे काम करने का तरीका पहले से ज्यादा आसान हो सकता है। आमतौर पर लोग फोटो और वीडियो का बैकअप तो कर लेते हैं, लेकिन PDF या जरूरी दस्तावेज़ अक्सर केवल फोन में ही पड़े रहते हैं। उनके लिए बेहतर हो सकता है।
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iPhone में सुरक्षा का मजबूत कवच
अब अगर बात करें Apple की तो अपने आगामी अपडेट iOS 26.4 में Stolen Device Protection को सभी यूज़र्स के लिए डिफॉल्ट रूप से सक्रिय करने की तैयारी कर रही है। टेक रिपोर्ट्स जब किसी के हाथ फोन और पासकोड दोनों लग जाएं। ऐसे में संवेदनशील बदलाव करने के लिए केवल पासकोड पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि Face ID या Touch ID की जरूरत पड़ेगी और कुछ मामलों में अतिरिक्त समय का इंतजार भी करना होगा।
पहले विकल्प था, अब होगा सामान्य
इस फीचर को पहले यूज़र्स को खुद चालू करना पड़ता था, जिसके कारण काफी लोग इसका इस्तेमाल नहीं कर पाए। अब कंपनी इसे डिफॉल्ट करने जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी सुरक्षा का लाभ उठा सकें। डिफॉल्ट को बंद भी कर सकते हैं।
उक्त जानकारी के मुताबिक यह कह सकते हैं कि कंपनियां अब यूज़र के डेटा और पहचान को सुरक्षित रखने पर भी काफी ध्यान दे रही हैं। इससे लगता है कि आने वाले दिनों स्मार्टफोन और ज्यादा सुरक्षित भी होने वाला है।
