Apple AirPods Pro: Apple अपने AirPods Pro को सिर्फ म्यूज़िक और कॉलिंग तक सीमित नहीं रखना चाहता। नई लीक रिपोर्ट तो यही इशारा कर रही हैं कि कंपनी आने वाले मॉडल में ऐसे सेंसर जोड़ सकती है। यह आसपास के माहौल को समझने में सक्षम होंगे। अगर यह फीचर आता है, तो AirPods Pro एक साधारण ईयरबड की जगह स्मार्ट वियरेबल डिवाइस की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं विस्तार से।
Apple नए AirPods Pro में कैमरा आधारित सेंसर दे सकता है…ऑडियो अनुभव और Apple Intelligence फीचर्स और हो सकते हैं…पढ़ें डिटेल।
कैमरा नहीं, एनवायरमेंट सेंसर
रिपोर्ट की माने तो AirPods Pro में इंफ्रारेड IR कैमरा मॉड्यूल दिए जा सकते हैं। हालांकि इनका उपयोग फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए नहीं होगा। माना जा रहा है कि ये सेंसर आसपास की दूरी, मूवमेंट और ऑब्जेक्ट की पहचान करने में मदद करेंगे। जिससे ऑडियो और AI फीचर्स ज्यादा सटीक तरीके से काम कर पाएंगे।
AI और Spatial Audio को बड़ा बूस्ट
ऐसी तकनीक Apple के Spatial Audio, Adaptive Noise Control और Apple Intelligence जैसे फीचर्स को नई क्षमता दे सकती है। जैसे, अगर ईयरबड्स को पता हो कि यूजर किस दिशा में देख रहा है या आसपास कितनी हलचल है, तो ऑडियो आउटपुट उसी हिसाब से एडजस्ट किया जा सकता है। जिससे अनुभव अधिक वास्तविक लगेगा।
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अपग्रेड साइकल में बदलाव के संकेत
अब तक Apple आमतौर पर AirPods Pro को लगभग तीन साल के अंतराल पर अपडेट करता रहा है। लेकिन चर्चा है कि कंपनी इस पैटर्न को बदल सकती है। कुछ टिप्स्टर का दावा है कि अगली पीढ़ी के AirPods Pro उम्मीद से पहले बाजार में आ सकते हैं। जो Apple की नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
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पुरानी चर्चाओं और पेटेंट से मिलते संकेत
Apple वियरेबल डिवाइसेज में IR सेंसर का उपयोग करने पर काम कर रहा है। खासकर Vision Pro जैसे प्रोडक्ट्स के साथ बेहतर इंटीग्रेशन के लिए। इसके अलावा, कंपनी को ऐसे पेटेंट भी मिले हैं जिनमें ईयरबड्स में कैमरा आधारित प्रॉक्सिमिटी डिटेक्शन का जिक्र किया गया था।
कीमत और वेरिएंट्स को लेकर अटकलें
रिपोर्ट्स यह भी संकेत दे रही हैं कि Apple AirPods लाइनअप में अलग-अलग फीचर वाले वेरिएंट्स पेश कर सकता है। यानी एक स्टैंडर्ड मॉडल और दूसरा ऐसा वर्जन जिसमें एडवांस सेंसर या कैमरा टेक्नोलॉजी हो। कीमत को मौजूदा स्तर के आसपास कीमत के ही करीब हो सकती है। जिससे ज्यादा यूजर्स तक यह प्रोडक्ट पहुंच सके।
अगर ये लीक्स सही साबित होती हैं, तो आनेवाले दिनों में AI और सेंसर टेक्नोलॉजी से लैस ऐसे गैजेट बन सकते हैं जो यूजर के माहौल को समझकर खुद ही बेहतर बना दें।
