3 साल में अंतरिक्ष बनेगा AI का नया ठिकाना? मस्क के दावे ने चौंकाया!

3 साल में अंतरिक्ष बनेगा AI का नया ठिकाना? मस्क के दावे ने चौंकाया!

7 mins read
336 views
February 6, 2026

Elon Musk AI data centres: सोचिए कैसा समय होगा जब इंटरनेट और Artificial Intelligence सिर्फ क्लाउड में नहीं अंतरिक्ष में चल रहा होगा। Elon Musk ने ठीक ऐसा ही भविष्य एक पॉडकास्ट के दौरान रखा सामने रखा है। उनका दावा है कि अगले 3 साल में AI डेटा सेंटर के लिए सबसे सस्ती और प्रभावी जगह धरती नहीं, बल्कि अंतरिक्ष हो सकता है। अब मस्क के इस बयान से एकबार फिर टेक जगत में खलबली मच गई है। तो आइए जानते हैं इसे विस्तार से।

ऊर्जा की बढ़ती लागत के बीच एलन मस्क ने दिया चौंकाने वाला बयान…AI का सबसे किफायती ठिकाना अंतरिक्ष हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर।

SpaceX की योजना ने बढ़ाई रूचि

SpaceX की ओर से US Federal Communications Commission में दाखिल प्रस्ताव में पृथ्वी की कक्षा में सौर ऊर्जा से चलने वाले डेटा सेंटर स्थापित करने की बात कही गई है। इन केंद्रों का उद्देश्य अंतरिक्ष में ही AI प्रोसेसिंग करना है, जिससे पारंपरिक डेटा सेंटर की सीमाएं कम हो सकती हैं। इस प्रस्ताव को FCC ने स्वीकार कर लिया है।

अंतरिक्ष में ऊर्जा ज्यादा प्रभावी

मस्क के अनुसार जमीन पर बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बनाना महंगा होता जा रहा है, क्योंकि बिजली, जमीन और कूलिंग जैसी जरूरतें लगातार महंगी हो रही हैं। इसके उलट अंतरिक्ष में सौर ऊर्जा अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकती है, इसलिए वे मानते हैं कि लगभग तीन वर्षों में यह सबसे सस्ता विकल्प बन सकता है।

READ MORE- LinkedIn कनेक्शन और एपस्टीन दस्तावेज आमने-सामने

Starlink का अनुभव बनेगा आधार

SpaceX पहले से Starlink के जरिए हजारों सैटेलाइट संचालित कर रही है। इसी अनुभव के आधार पर कंपनी अब अंतरिक्ष में AI प्रोसेसिंग क्लस्टर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। वहीं जानकार भी यह कहते हैं कि AI के बढ़ते उपयोग से डेटा सेंटरों की ऊर्जा खपत तेजी से बढ़ेगी। यदि अंतरिक्ष में ऊर्जा सस्ती और लगातार उपलब्ध रहती है, तो कंपनियां धीरे-धीरे इस दिशा में निवेश बढ़ा सकती हैं।

READ MORE-  अमित शाह की ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च, राइड-हेलिंग सेवा की नई पहल

मस्क की महत्वाकांक्षी दावा

मस्क का कहना है कि आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष में संचालित AI सिस्टम की क्षमता पृथ्वी पर मौजूद कुल क्षमता से भी अधिक हो सकती है। यह दावा महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन अंतरिक्ष तकनीक में तेजी से हो कार्य चर्चा का विषय बना हुआ हैं। SpaceX और xAI के साथ काम करने से इस योजना का व्यावसायिक पहलू भी मजबूत होता दिख रहा है। अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले हर नए सिस्टम से लॉन्च और सैटेलाइट सेवाओं का दायरा बढ़ सकता है। साथ ही, उपकरणों की मरम्मत, डेटा ट्रांसमिशन और सुरक्षा चुनौती भी।

कुल मिलाकर यदि यह योजना सफल होती है, तो आने वाले समय में AI इंफ्रास्ट्रक्चर केवल धरती तक सीमित नहीं रहेगा और अंतरिक्ष डिजिटल दुनिया का नया केंद्र बन सकता है।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

Don't Miss