आखिर 800 अरब डॉलर के मालिक मस्क ने क्यों कहा, पैसा खुशी नहीं खरीद सकता

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elon musk
February 6, 2026

Elon musk statement: दुनिया में अक्सर यह सवाल उठता रहा है कि क्या पैसा सच में खुशी दे सकता है। हाल ही में यह बहस तब फिर तेज हो गई, जब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk ने सोशल मीडिया पर पैसा और खुशी को लेकर एक टिप्पणी की। उनका यह बयान उस समय आया, जब उनकी संपत्ति ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी थी। यानी 800 अरब डॉलर पार कर चुकी है।

मस्क के 800 अरब डॉलर क्लब में पहुंचने के बाद दिया गया बयान चर्चा में है। जानिए लोगों ने पैसा और खुशी के रिश्ते पर क्या कहा।

बयान से ज्यादा चर्चा उसके समय की

बता दें कि Elon Musk ने X पर लिखा कि जिसने भी कहा था कि पैसा खुशी नहीं खरीद सकता, वह सच में जानता था कि वह क्या कह रहा था। यह एक साधारण-सा वाक्य था, लेकिन जिस समय इसे लिखा गया, उसने इसे खास बना दिया। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति की बात सबको हैरान कर दिया है।

लोगों ने अपने अनुभव से जोड़ा मुद्दा

Social media पर कई लोगों ने इस बयान को अपनी जिंदगी से जोड़कर देखा। कुछ यूजर्स ने कहा कि पैसा भले खुशी की गारंटी न दे, लेकिन इसकी कमी जिंदगी को बेहद कठिन बना देती है। डेली के खर्च, जिम्मेदारियां लोगों को मनोस्थिति को झकझोर कर रख देती है। मस्क के इस ब्यान के बाद से इंटरनेट की दुनिया में प्रतिक्रियाएं की भरमार हो गई। किसी ने मजाक में मस्क से पैसे भेजने की बात कही, इसे सच्चाई बताया। सुकून और संतोष नहीं।

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दौलत बढ़ने की बड़ी वजह

मस्क की संपत्ति में हालिया बढ़ोतरी उनकी कंपनियों से जुड़े बड़े कारोबारी फैसलों के बाद हुई। खास तौर पर SpaceX और Artificial Intelligence कंपनी xAI से जुड़े सौदों ने उनकी संपत्ति को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इसी वजह से उनका बयान और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।

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असली सवाल अब भी वही

मस्क का यह पोस्ट एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने ले आया है कि क्या खुशी का संबंध पैसे से है, या यह पूरी तरह अलग चीज है?  वहीं अनुभवी लोगो का मानना है कि पैसा जीवन को सुविधाजनक जरूर बनाता है, लेकिन संतोष, रिश्ते और मानसिक शांति जैसे तत्व भी उतने ही जरूरी हैं।

आम लोगों के बीच भी चर्चा

इस प्रकार से देखें तो एलन मस्क का यह छोटा-सा बयान भले कुछ शब्दों का था, लेकिन इसने एक बड़ी बहस को फिर से जीवित कर दिया है। शायद यही वजह है कि यह मुद्दा सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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