South Korea Bitcoin Ruling: साउथ कोरिया की सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक्सचेंज में रखे गए Bitcoin को Criminal Procedure Act के तहत कानूनी रूप से जब्त किया जा सकता है। यह फैसला एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा है, जिसमें Mr. A नामक व्यक्ति के पास 55.6 बिटकॉइन एक वर्चुअल एसेट एक्सचेंज में रखे थे।
SC का फैसला: अब एक्सचेंज में रखे Bitcoin भी मनी लॉन्ड्रिंग या कानूनी मामलों में जब्त किए जा सकते हैं। सरकार क्रिप्टो नियमों को कड़ा कर रही है।
कोर्ट का फैसला और तर्क
कोर्ट ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी भले ही डिजिटल हों, लेकिन इनमें वास्तविक आर्थिक मूल्य होता है इसलिए इन्हें जब्त किया जा सकता है। मामला 2020 में शुरू हुआ था, जब अधिकारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान Mr. A के बिटकॉइन जब्त किए थे।
Mr. A का तर्क था कि एक्सचेंज में रखे कोइन्स ‘भौतिक वस्तु’ नहीं हैं इसलिए इन्हें जब्त नहीं किया जा सकता, लेकिन सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने उनके तर्क को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Criminal Procedure Act के तहत जब्ती में भौतिक वस्तुएं और इलेक्ट्रॉनिक जानकारी दोनों शामिल हैं।
डिजिटल एसेट्स को लेकर कोर्ट की स्पष्टता
कोर्ट ने यह भी बताया कि एक्सचेंज में बिटकॉइन प्राइवेट कीज के जरिए होल्डर के नियंत्रण में रहते हैं इसलिए क्रिप्टोकरेंसी केवल रिकॉर्ड नहीं हैं, बल्कि संपत्ति का अधिकार हैं और इन्हें कानूनी रूप से जब्त किया जा सकता है। 2018 और 2021 में भी कोर्ट ने बिटकॉइन को संपत्ति मान्यता दी थी, लेकिन यह नया फैसला विशेष रूप से एक्सचेंज में रखे कोइन्स पर लागू होता है।
एक विशेषज्ञ वकील ने कहा कि यह निर्णय एक्सचेंज में रखे कोइन्स की कानूनी स्थिति को स्पष्ट करता है और बताता है कि जांच के दौरान इन्हें कानूनी रूप से जब्त किया जा सकता है। इससे एक्सचेंज संबंधी विवाद कम होंगे।
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साउथ कोरिया में क्रिप्टो नियमों का परिप्रेक्ष्य
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अलावा, साउथ कोरिया Phase Two Virtual Asset Law भी लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य है कि बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर अत्यधिक नियंत्रण वाले हिस्सेदारों की हिस्सेदारी सीमित की जाए। Financial Services Commission ने 11 मिलियन से अधिक यूजर्स वाले एक्सचेंज को कोर इन्फ्रास्ट्रक्चर के रूप में वर्गीकृत करने का प्रस्ताव रखा है।
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पिछले महीने, Financial Intelligence Unit (FIU) ने Korbit एक्सचेंज पर 2.73 बिलियन KRW का जुर्माना लगाया। जांच में पाया गया है कि एक्सचेंज ने लगभग 22,000 जोखिम भरे लेन-देन की अनुमति दी और उच्च-जोखिम वाले यूज़र्स को सही तरीके से वेरिफाई नहीं किया।
