Indian Government

चाइनीज IoT मॉड्यूल भारत में बैन! सरकार को जासूसी का था डर

6 mins read
1.4K views
December 16, 2024

केंद्र सरकार चीनी तकनीक के इस्तेमाल के मामले में सावधानी से कदम उठा रही है। यही वजह है कि सरकार ने 5G टेलीकॉम सेक्टर में चीन की एंट्री पर रोक लगा दी है।\

Government On Iot Modules : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए 5G टेलीकॉम गियर पर बैन लगने जा रही थी। इसके अलावा कई दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट को भारत में बिक्री के लिए बैन कर दिया गया है, लेकिन टेलीकॉम सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले IoT मॉड्यूल को खुली छूट दे दी गई है, जिसके चलते करीब 80 फीसदी भारतीय बाजार में चीनी IoT मॉड्यूल मौजूद हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IoT आपके डिवाइस को वायरलेस तरीके से कनेक्ट करने में मदद करता है। हालांकि, चीन से इम्पोर्ट किए जाने वाले IoT मॉड्यूल अब केंद्र सरकार के रडार पर आ गए हैं। ये प्रोडक्ट अपनी सस्ती कीमत के कारण भारत में काफी फेमस थे।

चाइनीज IoT मॉड्यूल का भारतीय मार्केट पर कब्जा

रिसर्च के मुताबिक, Quectel, Neoway और Simcom जैसे चीनी IoT सेलर प्रोडक्ट का 80 प्रतिशत बाजार पर कब्जा है। इसके मुकाबले में MediaTek और Qualcomm जैसे ग्लोबल खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में भारत में डिजिटलाइजेशन पर काफी जोर दिया गया है। सरकार ने स्मार्ट मीटर योजना, ऑटोमोबाइल में टेलीकम्यूटिंग के कारण चीन से आने वाले IoT मॉड्यूल की काफी मांग बढ़ी है, जिसका भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही हैं।माना जा रहा है कि ये IoT मॉड्यूल संवेदनशील डेटा के लिए खतरा बन सकते हैं। हैकर्स भारतीयों के डेटा को रिमोट तरीके से एक्सेस कर सकते हैं।

क्या है IoT मॉड्यूल

IoT मॉड्यूल में एक चिपसेट और एक वायरलेस कम्युनिकेशन कंपोनेंट होता है, जो रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और CCTV कैमरे जैसी कॉम्पलेक्स इंडस्ट्रियल मशीनों को इंटरनेट की हेल्प से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से जोड़ता है। काउंटरपॉइंट में IoT कंपोनेंट इकोसिस्टम रिसर्चर सुभादीप रॉय के अनुसार, स्मार्ट मीटर और पॉइंट-ऑफ-सेल साउंड बॉक्स में बढ़ोतरी के कारण 2021 के बाद चीन से भारत में आयात किए जाने वाले IoT मॉड्यूल में तेज बढ़ोतरी हुई है।

2029 तक बाजार 49.82 बिलियन डॉलर का होगा

मीडियाटेक ने इस मामले में कहा है कि वे भारत को बेहद सुरक्षित IoT सिस्टम और स्मार्ट मॉड्यूल मुहैया कराने के लिए तैयार हैं। हालांकि, Qualcomm ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है। Statista के आंकड़ों के मुताबिक, IoT बाजार 2024 से 16.56 फीसदी की सालाना दर से बढ़ सकता है। ऐसे में साल 2029 तक यह बाजार 49.82 अरब डॉलर का हो सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

America News
Previous Story

अमेरिका सरकार ने TikTok को लेकर Google और Apple को दी ये ‘डेडलाइन’

WhatsApp
Next Story

अमेरिका क्यों कह रही सिर्फ मैसेज के लिए WhatsApp का यूज करें

Latest from Latest news

Don't Miss