Perplexity AI की नई चाल, Chrome को खरीदने के लिए दिया इतना महंगा ऑफर

Perplexity AI की नई चाल, Chrome को खरीदने के लिए दिया इतना महंगा ऑफर

6 mins read
962 views
August 13, 2025

Perplexity का कहना है कि इस डील के लिए कई बड़े इन्वेस्टर फंड देने के लिए तैयार हैं। फिलहाल, Google ने इस बोली पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।  

Perplexity AI: Perplexity AI ने Google के मशहूर Chrome Browser को खरीदने के लिए 34.5 अरब डॉलर की पेशकश की है। यह पेशकश Google से संपर्क किए बिना की गई है  जिसे अनचाही बोली कहते हैं। खास बात यह है कि यह रकम Perplexity की अपनी मौजूदा वैल्यू से भी ज्यादा है। जुलाई में कंपनी की वैल्यू लगभग 18 अरब डॉलर थी जबकि कुछ महीने पहले यह 14 अरब डॉलर आंकी गई थी। Perplexity का कहना है कि इस डील के लिए कई बड़े इन्वेस्टर फंड देने के लिए तैयार हैं। फिलहाल, Google ने इस बोली पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।  

Perplexity क्या करती है? 

Perplexity AI अपने AI बेस्ड सर्च इंजन के लिए जानी जाती है जो यूजर्स को किसी भी सवाल का सीधा और आसान जवाब देता हैसाथ में रियल सोर्स की लिंक भी दिखाता है। पिछले महीने कंपनी ने अपना AI-पावर्ड ब्राउजर Comet भी लॉन्च किया है। फिलहाल, यह स्टार्टअप जनरेटिव AI की रेस में Meta और OpenAI जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला कर रहा है। 

आजकल बड़ी टेक कंपनियां टॉप इंजीनियरों को लुभाने के लिए करोड़ों की सैलरी और बोनस दे रही हैं। वहीं, स्टार्टअप्स इन्वेस्टरों और टेक दिग्गजों से अरबों डॉलर का फंड जुटा रहे हैं ताकि महंगे AI हार्डवेयर और रिसर्च में इन्वेस्ट कर सकें। 

Google Chrome विवाद 

Perplexity की यह बोली ऐसे समय आई है जब अमेरिकी न्याय विभाग ने Google को Chrome ब्राउजर बेचने का सुझाव दिया है। यह मामला पिछले साल के एंटीट्रस्ट केस के बाद सामने आया है जिसमें कोर्ट ने Google को इंटरनेट सर्च में अवैध एकाधिकार रखने का आरोपी पाया था।  

इस मामले में DOJ का कहना है कि Chrome Google के लिए एक इम्पोर्टेंट टूल है जिससे उसे यूजर्स का डेटा मिलता है और वह ऐड्स को टार्गेट कर पाता है। अगर Google Chrome बेच देता है तो दूसरे सर्च इंजनों को भी बराबरी का मौका मिलेगा। DOJ के मुताबिक, Chrome कई लोगों के लिए इंटरनेट का मुख्य दरवाजा है इसलिए इसे Google से अलग करना जरूरी है। हालांकि, Google ने इस प्रस्ताव को जरूरत से ज्यादा दखल देना बताया है।  

READ MORE: Google Play Store पर अब सभी वैलिड गेम्स की होगी एंट्री, CCI ने मांगा राय 

Google Gemini की गलती पर बोले सुंदर पिचाई, कहा- Unacceptable… 

Perplexity की बड़ी डील की कोशिशें 

यह पहली बार नहीं है जब Perplexity ने इतना बड़ा कदम उठाया है। इससे पहले जनवरी में कंपनी ने शॉर्ट वीडियो ऐप TikTok के साथ मर्ज करने का प्रस्ताव दिया था। अमेरिका में TikTok का भविष्य 2024 से अनिश्चित है 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

पूर्व OpenAI रिसर्चर की मौत, Crypto से न्याय की जंग
Previous Story

पूर्व OpenAI रिसर्चर की मौत, Crypto से न्याय की जंग

IIT मंडी और Nagent AI का धमाकेदार कोर्स, बिना कोडिंग सीखें बनाएं अपना AI एजेंट
Next Story

IIT मंडी और Nagent AI का धमाकेदार कोर्स, बिना कोडिंग सीखें बनाएं अपना AI एजेंट

Latest from Artificial Intellience

Don't Miss