Shopify में नौकरी चाहिए… तो पहले साबित करो ये चीज

Shopify में नौकरी चाहिए… तो पहले साबित करो ये चीज

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July 4, 2025

Shopify की नई नीति एक साफ संदेश देती है कि भविष्य उसी का है, जो AI को समझेगा, अपनाएगा और उसके साथ तालमेल बैठाएगा।

Shopify : दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक Shopify ने अप्रैल 2025 में एक नई भर्ती नीति का एलान कर दिया है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। कंपनी के सीईओ टोबी ल्यूटके (Tobi Lutke) ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब कोई भी टीम नए कर्मचारियों की मांग तभी कर पाएगी जब यह साबित हो जाए कि उस भूमिका को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से ऑटोमेट नहीं किया जा सकता। इस नीति के जरिए Shopify ने साफ कर दिया है कि अब कंपनी की प्राथमिकता मानव श्रम नहीं, बल्कि मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन होगी।

AI से होगा हर भूमिका का मूल्यांकन

टोबी ल्यूटके ने अपने स्टाफ को भेजे गए मेमो में बताया कि भविष्य में केवल उन्हीं पदों पर भर्ती की जाएगी, जिन्हें AI से पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने लिखा कि अब AI हर कर्मचारी के लिए न्यूनतम योग्यता बन गई है। चाहे वह एग्जिक्युटिव हो या एंट्री लेवल कर्मचारी।

Shopify पहले से ही AI आधारित टूल्स जैसे Sidekick और Shopify Magic पर काम कर रहा है। अब कंपनी इन तकनीकों को अपने मूल ढांचे में गहराई से शामिल करना चाहती है।

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कर्मचारियों की नौकरी पर मंडराया खतरा

Shopify में करीब 8,100 कर्मचारी काम करते हैं और यह नीति उनके लिए चिंता का कारण बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति भर्ती की गति को धीमा कर सकती है और कर्मचारियों की भूमिकाएं बदली जा सकती हैं। दूसरी कंपनियों जैसे Amazon, Klarna, Duolingo और Salesforce भी पहले ही AI को तेजी से अपना चुकी हैं।

हालांकि, OpenAI के COO ब्रैड लाइटकैप का मानना है कि AI से नौकरियां तुरंत खत्म नहीं होंगी, लेकिन यूनाइटेड नेशंस की एक रिपोर्ट यह चेतावनी देती है कि AI आने वाले वर्षों में दुनियाभर में 40% नौकरियों को अस्थिर कर सकता है।

काम की संस्कृति में ऐतिहासिक बदलाव

Shopify की नई नीति को कंपनी के कार्यसंस्कृति में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। टोबी ल्यूटके का कहना है कि AI शुरुआती प्रोजेक्ट फेज में काम की रफ्तार बढ़ा सकता है। अगर पहले से ही कोई कार्य AI से पूरा किया जा सकता है, तो उसे मैन्युअल तरीके से करने की जरूरत नहीं है। इस नीति के जरिए Shopify अब अपने ऑपरेशंस को सरल बनाना और पारंपरिक हायरिंग पर निर्भरता कम करना चाहता है।

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नवाचार बनाम नौकरी की सुरक्षा

Shopify का कहना है कि यह नीति किसी भी बड़े स्तर की छंटनी की तैयारी नहीं है, बल्कि एक स्मार्ट संसाधन प्रबंधन की रणनीति है। ल्यूटके AI को ऐसे उपकरण के रूप में देखते हैं, जो कर्मचारियों की रचनात्मकता को बढ़ा सकता है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नीति प्रतिभावान उम्मीदवारों को कंपनी से दूर कर सकती है।

Qualaix की सीईओ मार्वा बैलर कहती हैं कि यह रणनीति कर्मचारियों को AI को नए तरीके से अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है, लेकिन जब किसी संगठन की प्राथमिकता सिर्फ ऑटोमेशन बन जाती है, तो इंसानी टैलेंट खुद को हाशिए पर महसूस करता है।

पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए उदाहरण बन सकता है Shopify

  • Shopify की यह नीति सिर्फ एक कंपनी की रणनीति नहीं बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक नया ट्रेंड बन सकती है।
  • AI को लेकर बढ़ता भरोसा और इसे कार्यबल में गहराई से शामिल करने की होड़ आने वाले समय में उन लोगों के लिए चुनौती बन सकती है, जो पारंपरिक स्किल्स पर निर्भर हैं।
  • AI जहां कंपनियों की लागत घटा सकता है, वहीं वह मानवीय स्पर्श और जटिलता को पूरी तरह नहीं समझ सकता। यही वह संतुलन है जिसे भविष्य में कंपनियों को बनाए रखना होगा।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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