US Router Ban: संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है, जो दुनिया के टेलीकॉम हार्डवेयर मार्केट को हिला सकता है। FCC ने अब उन कंज्यूमर राउटर्स की बिक्री पर रोक लगाने का नियम बनाया है, जो अमेरिका में नहीं बने हैं, सिवाय उनके जिनके पास पहले से मंजूरी हो। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का कदम बताया गया है, लेकिन इसके असर दुनिया भर में महसूस किए जा सकते हैं।
अब बिना पहले से मंजूरी वाले विदेशी राउटर्स को बेचना मुश्किल होगा। FCC ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उठाया है, क्योंकि विदेश में बने राउटर्स साइबर अटैक्स के लिए आसान रास्ता बन सकते हैं।
वास्तव में, पिछले कई सालों से ज्यादातर होम राउटर्स एशिया में बने हैं। अब यह सप्लाई चेन दबाव में है। FCC का यह कदम कंपनियों को सोचने पर मजबूर करेगा कि वे हार्डवेयर कहां बनाएं और कनेक्टेड डिवाइसों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को कैसे संभालें।
FCC ने विदेशी राउटर्स को अपनी कवर्ड लिस्ट में शामिल किया है, जो उन प्रोडक्ट्स को दिखाती है जिन्हें सुरक्षा जोखिम माना गया है। एजेंसी का कहना है कि विदेशी राउटर्स, अगर उनके पास विशेष मंजूरी नहीं है तो वे साइबर अटैक्स के लिए आसान रास्ता बन सकते हैं।
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कंपनियों और यूजर्स के लिए बदलाव
नए नियम से पुराने और पहले से मंजूर राउटर्स प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन नए डिवाइसों के लिए कंपनियों को कुछ कड़े नियम पूरे करने होंगे। इनमें सप्लाई चेन की पूरी जानकारी देना, मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को साझा करना और हार्डवेयर अमेरिका में बनाने की योजना दिखाना शामिल हैं। यह बदलाव छोटा नहीं है। आज ज्यादातर राउटर्स साउथ ईस्ट एशिया में बने हैं। TP-Link और Netgear जैसी कंपनियां इस क्षेत्र पर भारी निर्भर करती हैं।
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FCC के चीफ ब्रेंडन कार ने कहा कि मैं इस राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णय का स्वागत करता हूं। अब विदेशी राउटर्स FCC की कवर्ड लिस्ट में शामिल हो गए हैं। इसका असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि ग्लोबल टेलीकॉम और बिजनेस मार्केट में भी बदलाव आएगा। यह कदम पहले Huawei और ZTE पर लगे बैन की तरह है।
