AI ऐप बनाकर आप भी कमाएं लाखों, यहां से ले आइडिया

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November 29, 2024

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें एक टेक्नीशियन ने AI ऐप के बनाकर लाखों डॉलर कमाएं हैं।

आजकल AI दुनियाभर में काफी फेमस हो गया है। AI के जरिए लोगों का काफी काम बेहद आसान हो गया है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका इस्तेमाल कर के आप पैसे भी कमा सकते हैं। अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो आपको बता दें कि जयपुर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने कर के दिखाया है। यह हम नहीं बल्कि इसका दावा उस टेकी ने एक पोस्ट के जरिए किया है। उन्होंने नॉन-टेक्निकल इंडस्ट्री में AI टूल्स की बढ़ती मांग को पहचानते हुए कहा कि उनके द्वारा बनाए गए एक साधारण फोटो एडिटिंग ऐप से अब वे हर महीने 8.4 लाख का रेवेन्यू जेनरेट कर रहे हैं।

साधारण AI ऐप से कमा रहें पैसे

YouTuber हितेश चौधरी ने एक पोस्ट कर कहा कि  उन्हें नहीं पता था कि नॉन-टेक सेगमेंट में AI की इतनी डिमांड है। इसके बाद भी उन्होंने तीन महीने पहले एक बेसिक AI बेस्ड ऐप बनाया था, जो लोगों की फोटो को मॉडिफाई करने के अलावा प्लेटफॉर्म के लिए कुछ टेक्स्ट लिखने में मदद करता है। इस ऐप से उन्हें 3 महीने बाद 10,000 डॉलर MRR मिल रहा है। हालांकि, हितेश ने कहा कि वह अभी नॉन-टेक मार्केट के लिए कोडिंग के विचार को फेमस नहीं करना चाहते हैं। कोडर्स के लिए बिल्डिंग एक कठिन बाजार है, नॉन-टेक मार्केट को तोड़ना आसान है।

मार्केटिंग स्ट्रेटजी के बारे में उन्होंने बताया कि उनके पहले क्लाइंट ने WhatsApp के जरिए ऐप डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभाला था। उन्होंने अपने पहले क्लाइंट से भी पैसे लिए थे। उन्होंने बताया कि वह उनके सप्लाई चेन में डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालते हैं। उन्होंने इसे अपने WhatsApp ग्रुप में शेयर किया और अब यह फैल रहा है।

हितेश की हो रही वाह वाही

कई युजर्स ने इस उपलब्धि के लिए हितेश की तारीफ भी की है। एक यूजर ने कहा कि ग्राहक से 0 शुल्क लेना कंज्यूमर SaaS में कोई नई बात नहीं है, मेरे सभी दोस्त ऐसा करते हैं,  लेकिन WhatsApp के माध्यम से वितरण को संभालना, यह नया है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा गैर-तकनीकी दर्शकों के साथ केवल 3 महीनों में 10K डॉलर MRR प्राप्त करना प्रभावशाली है। आप सही हैं – गैर-तकनीकी बाजारों में अक्सर ऐसी जरूरतें होती हैं, जो पूरी नहीं होती हैं और सरल समाधानों के साथ प्रबंधित करना आसान होता है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 
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क्या आप जिंदा हैं? हर 48 घंटे में आपसे पूछेगा ये App

Are You Alive App: जरा सोचिए… आपका फोन हर दो दिन में आपसे सिर्फ एक सवाल पूछे ‘क्या आप जिंदा हैं? और अगर आप जवाब नहीं देते, तो आपके परिवार या दोस्तों को अलर्ट भेजा जाता है।  यह सुनने में जरा अजीब लगता है, लेकिन चीन में लाखों लोग Are You Dead? ऐप डाउनलोड कर रहे हैं, जो बिल्कुल यही करता है।  Are You Dead?ऐप चीन में लोकप्रिय, अकेले रहने वालों के लिए डिजिटल सुरक्षा का तरीका, जो याद दिलाता है कि आप जिंदा हैं।  ऐप का तरीका आसान और सीधा  Are You Dead? ऐप बहुत आसान है। इसमें कोई चैट, प्रोफाइल या सोशल फीड नहीं है। बस एक बड़ा बटन है जिस पर लिखा है I’m Alive। हर 48 घंटे में यूजर्स को इस पर टैप करना होता है। अगर कोई लगातार दो बार चेक इन करना भूल जाता है, तो ऐप प्री सेलेक्टेड इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को मैसेज भेज देता है। यह मैसेज आपके जानकार को चेतावनी देता है कि शायद कुछ गड़बड़ है।  READ MORE: Apple पर लगा टेक्नोलॉजी चोरी का आरोप, जानें पूरा मामला   किन लोगों के लिए है यह ऐप  यह ऐप खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अकेले रहते हैं, बड़े शहरों में काम करते हैं या जिनके बच्चे किसी दूसरे शहर में रहते हैं। ऐसे जीवन में कभी–कभी कोई नहीं जान पाता कि कुछ गलत हुआ है। यह ऐप डिजिटल सुरक्षा की एक छोटी चाबी की तरह काम करता है।   विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा इसकी सरलता और हल्कापन है। यह ध्यान नहीं खींचता, किसी सोशल ऐप की तरह उलझाता नहीं, लेकिन जब जरूरत होती है, तो यह आपके लिए बोलता है।  READ MORE: Nvidia ने Groq की AI चिप टेक्नोलॉजी ली लाइसेंस पर  आधुनिक जीवन और अकेलेपन की कहानी  Are

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