China LineShine Worlds Fastest Supercomputer 2026

LineShine का कमाल, 9 साल बाद चीन ने जीती टेक जंग

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June 24, 2026

China vs USA Tech War: क्या दुनिया की टेक्नोलॉजी रेस में अमेरिका अब पीछे छूट रहा है? ताज़ा रिपोर्ट में चीन ने सुपरकंप्यूटर की दुनिया में बड़ा उलटफेर कर दिया है। चीन का LineShine Supercomputer अब दुनिया का सबसे तेज सुपरकंप्यूटर बन गया है। इस उपलब्धि के साथ चीन ने 2017 के बाद पहली बार अमेरिका से यह खिताब छीन लिया है।

चीन ने सुपरकंप्यूटिंग की दुनिया में बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। LineShine सुपरकंप्यूटर ने अमेरिका के El Capitan को पीछे छोड़कर दुनिया का नंबर 1 स्थान हासिल किया।

LineShine ने अमेरिका के El Capitan को पछाड़ा

सुपरकंप्यूटर की वैश्विक रैंकिंग तैयार करने वाले विशेषज्ञों ने चीन के शेनझेन में बने LineShine को दुनिया का सबसे तेज सिस्टम घोषित किया है। परीक्षण के दौरान इस मशीन का प्रदर्शन अमेरिका की लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लैबोरेटरी के El Capitan सुपरकंप्यूटर से 20 प्रतिशत से अधिक तेज पाया गया। El Capitan नवंबर 2024 से लगातार दुनिया का नंबर-1 सुपरकंप्यूटर बना हुआ था। अब चीन ने यह ताज अपने नाम कर लिया है।

GPU के बिना हासिल की बड़ी कामयाबी

LineShine की सबसे खास बात इसकी तकनीक है। ज्यादातर आधुनिक सुपरकंप्यूटर भारी गणनाओं के लिए GPU चिप्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन चीन का यह सिस्टम केवल स्टैंडर्ड माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजाइन भविष्य में वैज्ञानिक शोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इससे कंप्यूटिंग की लागत और ऊर्जा खपत भी कम हो सकती है।

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AI और रिसर्च में मिलेगा बड़ा फायदा

टेनेसी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और Top500 सूची के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. जैक डोंगारा ने कहा कि LineShine एक शानदार उपलब्धि है। उनके अनुसार यह सिस्टम बड़े वैज्ञानिक प्रयोगों, जटिल गणनाओं और AI मॉडल विकसित करने में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। डॉ. डोंगारा ने कहा, ‘चीन ने ऐसा सिस्टम बनाया है जो GPU पर निर्भर नहीं है और फिर भी दुनिया में सबसे तेज है।’

चीन-अमेरिका टेक रेस हुई और तेज

यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को लेकर चीन और अमेरिका के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। अमेरिका के पास OpenAI, Google, Anthropic और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियां हैं, जबकि चीन अपनी स्वतंत्र तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह जीत सिर्फ सुपरकंप्यूटर की नहीं बल्कि तकनीकी नेतृत्व की लड़ाई का भी संकेत है। इससे आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच AI और कंप्यूटिंग सेक्टर की प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।

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चीन का LineShine सुपरकंप्यूटर फिलहाल दुनिया का सबसे तेज सिस्टम बन गया है। 2017 के बाद पहली बार चीन ने सुपरकंप्यूटिंग में अमेरिका को पीछे छोड़ा है। आने वाले समय में AI और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में इस उपलब्धि का असर पूरी दुनिया देख सकती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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