Tokenmaxxing and Amazon AI Warning

Tokenmaxxing क्या है? Amazon ने AI इस्तेमाल पर क्यों दी चेतावनी

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October 28, 2026

Tokenmaxxing क्या है? Amazon ने AI अपनाने में सबसे नीचे के 10% टीमों पर नजर रखने को कहा।

Amazon AI Memo : Amazon ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों से कहा है कि वे रोजमर्रा के काम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल सीखें और इसे जल्द अपनाएं। कंपनी ने साफ किया है कि AI टूल का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों का प्रदर्शन सिर्फ इससे नहीं मापा जाएगा कि उन्होंने कितने टूल चलाए या कितना कोड बनाया। Amazon के नए दिशा-निर्देशों का मकसद इंजीनियरों को बदलती तकनीक के लिए तैयार करना है। कंपनी चाहती है कि कर्मचारी AI की मदद से काम बेहतर करें और ग्राहकों की जरूरतों पर ध्यान दें।

Amazon ने इंजीनियरों से AI अपनाने को कहा

Amazon के वाइस प्रेसिडेंट और डिस्टिंग्विश्ड इंजीनियर टर्क टर्कोविट्ज ने कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक आंतरिक ज्ञापन साझा किया। इसे वरिष्ठ इंजीनियरिंग नेताओं के साथ चर्चा के बाद तैयार किया गया है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर्स (SDEs) और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर्स (SDMs) से AI टूल सीखने और प्रयोग करने को कहा गया है। ज्ञापन में लिखा है, ‘अगर आपने अब तक ऐसा नहीं किया है, तो जल्द से जल्द अपने रोजमर्रा के काम में AI सीखने और इस्तेमाल करने के लिए समय निकालें।’ कंपनी का मानना है कि AI सॉफ्टवेयर बनाने के तरीके को तेजी से बदल रहा है। इसलिए इंजीनियरों को कोड लिखने, समस्याएं सुलझाने और काम के नतीजे मापने के तरीके भी बदलने होंगे।

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‘Renaissance Developer’ की सोच पर जोर

Amazon भविष्य के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ‘Renaissance Developer’ कहता है। इसका मतलब ऐसा डेवलपर है, जो AI टूल के साथ अपने तकनीकी ज्ञान, इंसानी समझ और ग्राहकों की जरूरतों को भी महत्व देता है। कंपनी सिर्फ AI से कोड बनवाने को सफलता नहीं मानती। इंजीनियर को यह भी समझना होगा कि तैयार किया गया कोड सही है या नहीं और उससे ग्राहक को फायदा हो रहा है या नहीं। इसलिए मैनेजरों को भी AI टूल का खुद इस्तेमाल करके उनके फायदे और सीमाएं समझने होंगे। इससे वे अपनी टीम को बेहतर मार्गदर्शन दे सकेंगे।

‘Tokenmaxxing’ से बचने की चेतावनी

ज्ञापन में Amazon ने ‘Tokenmaxxing’ को लेकर भी चेताया है। इसका मतलब है बिना किसी ठोस नतीजे के बड़ी मात्रा में AI टोकन का इस्तेमाल करना। AI टोकन वह इकाई है, जिसके जरिए AI मॉडल इनपुट और आउटपुट को संसाधित करते हैं। इनका इस्तेमाल यह समझने में मदद कर सकता है कि कोई टीम AI का कितना उपयोग कर रही है। लेकिन ज्यादा टोकन खर्च करना अपने आप में बेहतर काम का प्रमाण नहीं है। उदाहरण के लिए, AI से हजारों लाइन कोड बनवाने वाला इंजीनियर ऊपर से ज्यादा उत्पादक दिख सकता है। लेकिन अगर उस कोड से सॉफ्टवेयर में समस्याएं बढ़ती हैं या ग्राहकों को फायदा नहीं मिलता, तो यह मेहनत बेकार हो सकती है। Amazon चाहता है कि मैनेजर कोड की मात्रा के बजाय काम के वास्तविक नतीजों पर ध्यान दें।

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AI इस्तेमाल में पीछे रहने वाली टीमों पर नजर

Amazon ने मैनेजरों से AI अपनाने के मामले में सबसे नीचे के 10% और सबसे ऊपर के 10% समूहों पर खास ध्यान देने को कहा है। कम AI इस्तेमाल करने वाली टीमों से यह समझना होगा कि वे तकनीक का उपयोग क्यों नहीं कर रही हैं। वहीं, ज्यादा AI इस्तेमाल करने वाली टीमों के काम के नतीजों की भी जांच होगी। कंपनी यह भी मानती है कि हर काम में AI मददगार नहीं होता। इंजीनियर ऐसे मामलों को दर्ज कर सकते हैं और अपने मैनेजरों के साथ चर्चा कर सकते हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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