MuleHunter

अब धोखेबाजों की खैर नहीं, RBI ने तैनात किया AI टूल

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December 6, 2024

RBI ने वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ MuleHunter.ai नामक एक AI टूल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। यह टूल मनी म्यूल खातों की पहचान करने और धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगा।

RBI MuleHunter ai : साइबर क्रिमिनलों पर लगाम लगाने के लिए RBI की रिजर्व बैंक इनोवेशन हब एक AI टूल MuleHunter.ai को तैनात कर रहा है, जिससे ग्लोबल धोखाधड़ी को कम किया जा सकता है। यह टेक्नॉलोजी मनी लॉन्ड्रिंग स्किम में इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध खातों की पहचान करने और उन्हें चिह्नित करने के लिए डिजाइन की गई है। हाल ही में RBIH ने दो प्रमुख पब्लिक सेक्टर के बैंकों में MuleHunter.ai के उपयोग का टेस्ट किया था, जिसका रिजल्ट पॉजिटिव रहा है।

क्या है मनी म्यूल खाता

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी भारत में एक बड़ी समस्या बन गई है, जिसके खिलाफ उपायों की बेहद जरूरत  है। NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी सभी साइबर अपराधों में 67.8% के लिए जिम्मेदार है। यह साफ है कि एंटी-फ्रॉड तकनीकों का होना काफी जरूरत है।

इनमें सबसे बड़ी समस्या मनी म्यूल खातों का शोषण होना है। ये खाते अवैध वित्तीय गतिविधियों, स्पेशली साइबर अपराधों में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। बता दें कि मनी म्यूल खाते एक तरह के  बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल क्रिमिनल अवैध धन को वैध बनाने के लिए करते हैं। मनी म्यूल खातों के जरिए अवैध धन का लेन-देन किया जाता है, जिससे इसे ट्रैक करना और वापस पाना बहुत मुश्किल हो जाता है।

कैसे काम करता है MuleHunter.ai

RBIH ने बैंकों के साथ मिलकर मनी म्यूल खातों की पहचान करने का तरीका विकसित किया है। अब तक मनी म्यूल खातों का पता लगाने के लिए नियम-आधारित प्रणालियों का यूज किया जाता था, लेकिन इन प्रणालियों में गलत सकारात्मकता और लंबी जांच प्रक्रिया होती थी, जिसके कारण कई संदिग्ध खाते पकड़े नहीं जा पाते थे।

MuleHunter.ai एक उन्नत AI/ML आधारित प्लेटफ़ॉर्म है, जो लेनदेन और अन्य विवरणों का विश्लेषण करता है। इसके एल्गोरिदम पारंपरिक नियम-आधारित प्रणालियों की तुलना में बहुत अधिक प्रभावी और तेज हैं। ये एल्गोरिदम संदिग्ध मनी म्यूल खातों की तेजी से पहचान करते हैं, जिससे धोखाधड़ी वाले खातों को जल्दी से पकड़ा जा सकता है।

क्या है इसके फायदे

MuleHunter.ai का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह मनी म्यूल खातों का जल्दी पता लगा सकता है, जिससे धोखाधड़ी को कम करने में मदद मिलती है। यह टेक्नोलॉजी खास तौर पर तब कारगर साबित होती है जब अपराधी जटिल और छिपे हुए तरीके से पैसों का लेन-देन करते हैं। यह मशीन लर्निंग तकनीक बैंकिंग सिस्टम में मनी म्यूल खातों की पहचान करने में मदद करती है, जिससे धोखाधड़ी को रोकना संभव हो सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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