इन ईयरबड्स और हेडफोन ने लोगों को बनाया दीवाना, तगड़े हैं फीचर्स

5 mins read
1.1K views
November 5, 2024

फिलिप्स ने दमदार ऑडियो क्वालिटी वाले नए ईयरबड्स और हेडफोन को मार्केट में उतारा है। इन ईयरबड्स के लोग दीवाने हो रहे हैं।

Philips : फिलिप्स ने भारत में अपने ऑडियो लाइनअप को बढ़ाया है। कंपनी अब दमदार ऑडियो क्वालिटी वाले नए ईयरबड्स और हेडफोन भी मार्केट में लेकर आई है। बता दें कि फिलिप्स ने ट्रू वायरलेस स्टीरियो ईयरफोन,  हेडफोन लॉन्च किया है। लोगों के कंफर्ट को ध्यान में रखते हुए इन्हें डिजाइन किया गया है। आइएं बताते हैं कंपनी कौन-कौन से ईयरबड्स लॉन्च किया है।

फिलिप्स TAT1108

भारत में फिलिप्स TAT1108 को 3,599 रुपये की कीमत पर लॉन्च किया गया है। इनमें 6mm डायनेमिक ड्राइवर और AI पावर्ड माइक्रोफोन दिए गए हैं। इसके अलावा इन्हें पानी से बचाने के लिए IPX4 रेटिंग भी मिली है। ये ईयरबड्स ब्लैक, व्हाइट और ब्लू कलर में मिलेंगे। बता देंकि ये बड्स एक बार चार्ज करने पर 15 घंटे तक चल सकते हैं। आप इन्हें फ्लिपकार्ट और अमेजन से खरीद सकते हैं।

फिलिप्स TAT1179

ये ईयरबड्स 45 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ भारत में 3,099 रुपये में लॉन्च किया गया है। इनमें ENC सपोर्ट और 10mm ड्राइवर्स हैं। इनमें IPX4 वाटर रेजिस्टेंस रेटिंग भी है। आप इन्हें डीप ब्लैक, ब्राइट व्हाइट, रेड महोगनी और बेलुगा समर कलर में खरीद सकते हैं।

फिलिप्स TAT1169

भारत में TAT1169 को आप 2,399 रुपये में खरीद सकते हैं। इसमें 55 घंटे चलने वाली बैटरी है। इसमें आपको अच्छी ऑडियो क्वालिटी के लिए 12mm ड्राइवर, क्लियर वॉयस कॉल के लिए AI पावर्ड ENC और IPX4 वाटर रेजिस्टेंस रेटिंग मिलेगी। ये आपको ब्लैक, सन आयरन और रियल टील शैंपेन कलर में मिलेगी।

फिलिप्स TAH4209

फिलिप्स ने भारत में TAH4209 वायरलेस हेडफोन भी लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 4,999 रुपये है। ये हेडफोन 32mm नियोडिमियम ड्राइवर्स के साथ आते हैं। इनकी बैटरी 55 घंटे का बैकअप देती है। इनमें मल्टीपॉइंट शेयरिंग फीचर भी है, जिससे एक साथ कई डिवाइस कनेक्ट की जा सकती हैं। 15 मिनट की क्विक चार्जिंग में ये 2 घंटे तक चल सकते हैं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Previous Story

AI की भविष्यवाणी! सामने आया अमेरिका के नए राष्ट्रपति का नाम

Next Story

Google Chrome चलाने वाले सावधान! चोरी हो रही आपकी प्राइवेट इनफार्मेशन

Latest from Latest news

Motorola का नया मॉडल भारत में करने जा रहा धमाकेदार एंट्री, डेट कंफर्म

Motorola का नया मॉडल भारत में करने जा रहा धमाकेदार एंट्री, डेट कंफर्म

Motorola Signature launch date confirms:  Smartphone बाजार में Motorola प्रीमियम सेगमेंट और पावरफुल फीचर्स के साथ धमाकेदार एंट्री करने की तैयारी पूरी कर लिया है। कंपनी ने अपने अपकमिंग स्मार्टफोन Motorola Signature की भारत में लॉन्च डेट का खुलासा कर दिया
Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया

Blinkit CFO Resignation: क्विक कॉमर्स कंपनी Blinkit के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर विपिन कपूरिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक बार फिर Flipkart में सीनियर फाइनेंस रोल में लौट रहे हैं। इस खबर ने ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में चर्चा तेज कर दी है।  क–कॉमर्स सेक्टर में बड़ा बदलाव: Blinkit छोड़कर Flipkart लौटे CFO विपिन कपूरिया, IPO और फंडिंग के दौर में अहम फैसला।  Blinkit में एक साल से थोड़ा ज्यादा का सफर  विपिन कपूरिया 2024 में Blinkit से जुड़े थे। उन्होंने यहां 1 साल से थोड़ा ज्यादा समय काम किया है। वह गुरुग्राम बेस्ड Blinkit में शामिल होने से पहले Flipkart में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर थे। कपूरिया Blinkit के पहले फुल टाइम CFO थे क्योंकि यह पद 2022 से खाली था। उस समय Zomato द्वारा Blinkit के अधिग्रहण के बाद तत्कालीन CFO अमित सचदेवा ने कंपनी छोड़ दी थी।  Flipkart के साथ पुराना रिश्ता  Flipkart में विपिन कपूरिया की यह तीसरी पारी होगी। उन्होंने पहली बार 2015 में Flipkart जॉइन किया था। इसके बाद 2018 में वह हॉस्पिटैलिटी स्टार्टअप Oyo चले गए। 2020 में उन्होंने दोबारा Flipkart में वापसी की और फिर 2024 में Blinkit से जुड़े। अब एक बार फिर वह Flipkart के फाइनेंस लीडरशिप का हिस्सा बनने जा रहे हैं।  Blinkit और Eternal में अहम भूमिका  Blinkit में रहते हुए कपूरिया ने कंपनी के CEO अल्बिंदर ढिंढसा और Eternal के CFO अक्षांत गोयल के साथ मिलकर काम किया है। वह उस दौर में Blinkit से जुड़े थे, जब Eternal ने 8,500 करोड़ की राशि Qualified Institutional Placement के जरिए जुटाई थी। यह फंडिंग Blinkit और पूरे क्विक कॉमर्स सेक्टर के लिए अहम मानी गई है।  READ MORE: Aman Jain बने Meta के नए पॉलिसी हेड  क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेजी और फंडिंग  पिछले 12 से 14 महीनों में क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।  Swiggy ने 2024 में IPO और हालिया QIP के जरिए 14,500 करोड़ जुटाए।  Zepto अगले साल 11,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है।  READ MORE: Flipkart लाया स्मार्टफोन एक्सचेंज ऑफर, 40 मिनट में ऐसे करें अप्लाई  Flipkart Minutes में नेतृत्व बदलाव 
‘जुकरबर्ग का 77 बिलियन डॉलर Metaverse में फेल’

‘जुकरबर्ग का 77 बिलियन डॉलर Metaverse में फेल’

Meta Metaverse Loss: इकोनॉमिस्ट डीन बेकर ने Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग के Metaverse निवेश की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जुकरबर्ग ने 77 बिलियन डॉलर ‘टॉयलेट में फेंक दिए’, जो एक गलत और बेकार निवेश था। अपने न्यूजलेटर में बेकर ने लिखा है कि Meta का Metaverse प्रोजेक्ट केवल एक सामान्य गलत निवेश निर्णय था, जैसा कि कंपनियां समय–समय पर करती हैं।  Meta के Metaverse में भारी निवेश पर आलोचना, 77 बिलियन डॉलर का सवाल और AI स्टार्टअप Manus अधिग्रहण से जुकरबर्ग का अगला कदम।  बेकर का मानना है कि इस निवेश का नुकसान सिर्फ Meta की किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए भी भारी लागत साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, प्लानर्स और सपोर्ट स्टाफ के साथ–साथ ऑफिस स्पेस, कंप्यूटर और बिजली जैसे संसाधनों का भी इस्तेमाल हुआ है। अगर ये संसाधन अन्य उत्पादक क्षेत्रों में लगाए जाते, तो समाज के लिए ज्यादा लाभकारी साबित होते।   बेकर ने यह भी चेतावनी दी है कि AI निवेश का तेजी से बढ़ना अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। यह टैलेंट को अवशोषित कर रहा है और पावर ग्रिड्स पर दबाव बढ़ा रहा है, जिससे जलवायु लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो जाता है।  ‘Meta की तीसरी सबसे बड़ी खरीदारी’  Meta ने हाल ही में चाइनीज AI स्टार्टअप Manus को खरीदने कि घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह Meta की तीसरी सबसे बड़ी अधिग्रहण डील है। WhatsApp और ScaleAI के बाद यह कदम CEO जुकरबर्ग की एडवांस्ड AI में आक्रामक निवेश नीति को दर्शाता है, ताकि Meta Google और OpenAI जैसी कंपनियों से मुकाबला कर सके।  READ MORE: Meta में शामिल हुआ Manus, अब AI करेगा असली काम  Meta ने कहा है कि Manus की सर्विस को ऑपरेट और सेल किया जाएगा और इसके तकनीक को Meta AI चैटबोट और अन्य प्रोडक्ट्स में जोड़ा जाएगा। Manus को लीडिंग ऑटोनोमस जनरल पर्पज AI एजेंट माना जाता है, जो मार्केट रिसर्च, कोडिंग और डेटा एनालिसिस जैसे काम कर सकता है।  READ MORE: Meta ने लॉन्च किया 24/7 सपोर्ट हब, FB-Instagram यूजर्स को मिली सुविधा  इस तरह, Meta ने Metaverse में बड़े निवेश के कारण आलोचना झेली, लेकिन AI में बड़ा कदम उठाकर तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है। 

Don't Miss