LayerZero ने Stargate पर जमाया कब्जा, हुई 110 मिलियन डॉलर की डील!

5 mins read
489 views
LayerZero ने Stargate पर जमाया कब्जा, हुई 110 मिलियन डॉलर की डील!
August 26, 2025

Stargate के अधिग्रहण में LayerZero ने बाजी मारी। $110 मिलियन की डील और कम्युनिटी का 95% सपोर्ट इस समझौते को खास बनाता है।

LayerZero Stargate Deal:  Blockchain मैसेजिंग प्रोटोकॉल LayerZero ने 110 मिलियन डॉलर के सौदे में Stargate का अधिग्रहण कर लिया है। यह डील एक कड़ी और नाटकीय बोली युद्ध के बाद हुई। शुरू में इस प्रस्ताव पर कुछ सवाल उठे थे लेकिन अपडेटेड शर्तों के साथ कम्युनिटी ने इसे भारी समर्थन दिया।

कम्युनिटी का जबरदस्त सपोर्ट

Stargate कम्युनिटी के वोटिंग रिजल्ट चौंकाने वाले रहे। करीब 95% एड्रेसेस और 94.76% टोकन वेट ने इस डील के पक्ष में वोट किया। कुल 15,000 से ज्यादा एड्रेसेस ने हिस्सा लिया, जिनमें से 7.2 मिलियन से ज्यादा STG टोकन हां में पड़े। केवल 3,99,400 STG टोकन ने विरोध किया। LayerZero के सीईओ ब्रायन पेल्लेग्रीनो ने कहा कि यह Stargate Finance के इतिहास में सबसे ज्यादा भागीदारी वाली वोटिंग रही।

प्रतिद्वंदियों की आखिरी कोशिश

डील के दौरान कई प्रतिद्वंदी भी मैदान में उतरे। Wormhole ने 120 मिलियन डॉलर कैश ऑफर किया और दावा किया कि इससे स्टेकर्स को शुरुआती छह महीने में 3x प्रोजेक्टेड रेवेन्यू मिल सकता है। इसी तरह Axelar Network और Across Protocol ने भी रुचि दिखाई लेकिन उन्होंने औपचारिक बोली नहीं लगाई। Stargate फाउंडेशन के लीड एंगस लैम्प्स ने साफ किया कि वोटिंग रोकी नहीं जा सकती थी क्योंकि सभी पार्टियों को ड्यू डिलिजेंस का समय पहले ही मिल चुका था।

अपडेटेड ऑफर और फायदे

शुरुआत में LayerZero का प्रस्ताव केवल रेवेन्यू-बेस्ड ZRO बायबैक प्रोग्राम पर आधारित था लेकिन कम्युनिटी की मांग के बाद इसमें बदलाव किया गया। अब छह महीने तक की कुल रेवेन्यू का 50% Stargate स्टेकर्स को दिया जाएगा और बाकी 50% ZRO टोकन बायबैक में जाएगा। इसके साथ सभी STG टोकन को 1 STG = 0.08634 ZRO के अनुपात में स्वैप किया जाएगा।

READ MORE: Elon Musk क्यों बनें Gorklon Rust? जानें इसके पीछे की वजह

Apple के CEO का Bitcoin को लेकर क्या है प्लानिंग

LayerZero का बढ़ता प्रभाव

2022 में लॉन्च हुआ LayerZero, Stargate के जरिए क्रॉस-चेन ट्रांसफर को सुरक्षित और आसान बनाता है। इस अधिग्रहण से Stargate दोबारा LayerZero के सीधे नियंत्रण में आ गया है। यह सौदा ब्लॉकचेन इंटरऑपरेबिलिटी के क्षेत्र में LayerZero की बढ़ती ताकत और कम्युनिटी के भरोसे को दर्शाता है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

एक हफ्ते में AI का यूज नहीं किया तो नौकरी छोड़ो... इस कंपनी ने दिया अल्टीमेटम
Previous Story

एक हफ्ते में AI का यूज नहीं किया तो नौकरी छोड़ो… इस कंपनी ने दिया अल्टीमेटम

हैक हुआ Comet AI ब्राउजर! ऐसे शिकार हुआ Perplexity का एजेंट
Next Story

हैक हुआ Comet AI ब्राउजर! ऐसे शिकार हुआ Perplexity का एजेंट

Latest from Latest news

Snapdragon को सीधी चुनौती

Snapdragon को सीधी चुनौती! MediaTek Dimensity 9500s ने मचाया तहलका!

MediaTek Dimensity 9500s: MediaTek ने अपने टॉप सेगमेंट को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढा दिया है। कंपनी ने Dimensity 9500s पेश किया है। यह चिप कंपनी के पहले से मौजूद Dimensity 9500 का अपग्रेड है। यह उन स्मार्टफोन्स ते लिए
NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ

NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ वार! AI चिप्स पर लगाया 25% टैक्स!

US chip tariff 25 percent: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन्नत कंप्यूटिंग चिप्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आधिकारिक आदेश
technology

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं।