फर्जी समन और डिजिटल स्कैम से बचाने के लिए ED लाया QR कोड सुरक्षा योजना

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October 10, 2025

QR Code Summons Check: हाल ही में ED ने चेतावनी जारी की है कि फर्जी समन और ‘डिजिटल अरेस्ट’ नोटिस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को नकली नोटिस भेजते हैं जिससे पैसा वसूलना या डर पैदा करना उनका मकसद होता है। असली समन जैसी दिखने वाली ये फर्जी नोटिस आम लोगों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं।

फर्जी समन और ऑनलाइन अरेस्ट स्कैम के खिलाफ ED ने शुरू किया QR कोड आधारित वेरिफिकेशन, जिससे आम लोग आसानी से जांच सकेंगे दस्तावेज की प्रामाणिकता।

इस समस्या को रोकने के लिए ED ने एक नया डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया है। अब हर समन के नीचे एक QR कोड और एक यूनिक पासकोड होगा। इस कोड की मदद से व्यक्ति तुरंत जांच सकता है कि दस्तावेज असली है या नकली।

नया ED समन वेरिफिकेशन कैसे काम करेगा

ED ने इस जांच के लिए दो आसान तरीका बताया है:-

  • QR कोड स्कैन करना: समन पर लगे QR कोड को स्कैन करने पर व्यक्ति ED की आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचता है। पासकोड डालने पर समन से जुड़ी जानकारी जैसे बुलाए गए व्यक्ति का नाम, अधिकारी का पदनाम और समन की तारीख दिखाई देती है।
  • वेबसाइट पर डायरेक्ट चेक: व्यक्ति https://enforcementdirectorate.gov.in/ पर जाकर ‘Verify Your Summons’ विकल्प चुन सकता है। इसके बाद समन नंबर और पासकोड डालकर असली जानकारी देख सकता है।

ED ने स्पष्ट किया है कि यह चेक प्रणाली केवल समन जारी होने के 24 घंटे बाद ही काम करेगी, जिसमें सप्ताहांत और सार्वजनिक छुट्टियां  शामिल नहीं हैं। यह देरी सिस्टम अपडेट चक्र के कारण है।

‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम पर चेतावनी

ED ने कहा है कि कुछ ठग ‘डिजिटल अरेस्ट’ या ‘ऑनलाइन अरेस्ट’ का झूठा दावा कर लोगों को डराने और पैसा वसूलने की कोशिश करते हैं। इसमें फोन या वीडियो कॉल करके नकली दस्तावेज दिखाए जाते हैं। ED ने स्पष्ट किया है कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत ‘डिजिटल अरेस्ट’ का कोई कानूनी आधार नहीं है। ED द्वारा गिरफ्तारी केवल व्यक्तिगत रूप से और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाती है।

आम लोगों के लिए क्यों जरूरी है सतर्क रहना

फर्जी दस्तावेज अब बहुत असली लगने लगे हैं। कई बार लोग ऐसे नोटिस देखकर घबराते हैं। ऐसे में QR कोड आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम एक सुरक्षा का तरीका साबित होगा। यह लोगों को तुरंत दस्तावेज की प्रामाणिकता जांचने का साधन देता है और ठगों से बचाता है।

जैसे-जैसे साइबर और डिजिटल स्कैम बढ़ रहे हैं, यह छोटा कदम लोगों को उत्पीड़न और ठगी से बचा सकता है। ED की यह पहल दिखाती है कि कैसे प्रवर्तन एजेंसियां तकनीक का उपयोग कर धोखाधड़ी से मुकाबला कर रही हैं।

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सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

ED ने साफ कहा है कि अगर आपको कोई समन मिलता है तो सबसे पहले QR कोड स्कैन करें या ED की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जांच करें। किसी भी कॉल में ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देने वाले को गंभीरता से न लें। असली गिरफ्तारी केवल कानूनी प्रक्रिया और व्यक्तिगत रूप से ही होती है।

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ED ने आम जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें। उनका कहना है कि इस नए सिस्टम के साथ ठगों के सफल होने की संभावना कम हो जाएगी, लेकिन सावधानी ही सबसे मजबूत सुरक्षा होगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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