iPhone 18 AI Boom: Artificial Intelligence के तेज़ी से विस्तार ने पूरी टेक इंडस्ट्री की सप्लाई चेन को हिलाकर दिया है। खासतौर पर AI सर्वर्स में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है। जिससे RAM और स्टोरेज की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है। Apple अब तक अपनी मजबूत बाजार पकड़ के दम पर सप्लायर्स से कम कीमत पर कंपोनेंट्स हासिल करता रहा है। यही वजह है कि कंपनी वर्षों से अपने प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ऊँचा मुनाफा बनाए रखने में सफल रही। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते विस्तार ने इस समीकरण को बदलना शुरू कर दिया है।
AI बूम ने टेक इंडस्ट्री की तस्वीर बदल दी है। मेमोरी चिप्स की महंगाई से Apple भी नहीं बच पाया, iPhone 18 की कीमत बढ़ने के संकेत। जानिए विस्तार से।
RAM और फ्लैश स्टोरेज की मांग रिकॉर्ड स्तर
AI सर्वर्स के लिए RAM और फ्लैश स्टोरेज की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है। इसका सीधा असर Memory चिप्स की कीमतों पर पड़ा है, जो अब बेकाबू रफ्तार से बढ़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि Apple जैसी दिग्गज टेक कंपनी भी इस महंगाई से खुद को बचा नहीं पा रही है।
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स्मार्टफोन निर्माताओं की लागत पर असर
इंडस्ट्री विश्लेषकों के अनुसार, मेमोरी बाजार में कीमतों की यह बढ़ोतरी अब तक की सबसे तेज़ मानी जा रही है। रिसर्च फर्म TechInsights का अनुमान है कि 2023 की तुलना में इस साल के अंत तक DRAM की कीमतें चार गुना तक बढ़ सकती हैं, जबकि NAND स्टोरेज की कीमतें तीन गुना से ज्यादा हो सकती हैं। यह उछाल सीधे स्मार्टफोन निर्माताओं की लागत पर असर डाल रहा है।
iPhone 18 पर दिखेगा साफ असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर आने वाले iPhone 18 पर साफ दिख सकता है। अनुमान है कि बेस मॉडल iPhone 18 में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी के लिए Apple को, पिछले साल के iPhone 17 की तुलना में, करीब 57 डॉलर अधिक खर्च करने पड़ सकते हैं। यह रकम iPhone जैसे बड़े पैमाने पर बिकने वाले उत्पाद के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
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सवाल बढ़ती लागत को Apple खुद झेलेगा या ग्राहक?
चूंकि iPhone 17 की शुरुआती कीमत 799 डॉलर रही है, ऐसे में निर्माण लागत में यह बढ़ोतरी Apple के मुनाफे को सीमित कर सकती है। अब सवाल यह है कि Apple इस बढ़ती लागत को खुद वहन करेगा या फिर इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हुए iPhone 18 की कीमतों में इजाफा करेगा।
AI के दौर में जहां टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। वहीं हार्डवेयर लागत की यह चुनौती Apple के लिए आने वाले समय में एक बड़ी इम्तहान साबित हो सकती है।
