WhatsApp firing controversy: गुरूग्राम की एक स्टार्टअप से जुड़ा मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कंपनी के फाउंडर Nikhil Rana ने WhatsApp पर मैसेज कर अपने कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है। जिसका इंटरनेट पर जमकर विरोध हो रहा है। इससे प्रोफेशनल एथिक्स पर सवाल खड़ा हो गया है। तो आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
Employee firing controversy: WhatsApp पर अचानक नौकरी से निकाले जाने पर सोशल मीडिया में बवाल। जानिए लोगों ने क्या-क्या दी प्रतिक्रियाएं।
नो नोटिस पीरीयड की सोच ने बढ़ाया विवाद
इस घटना के बाद निखिल राणा ने अपने विचार खुलकर साझा किए हैं। उन्होंने वर्तमान नोटिस पीरियड को फॉर्मेलिटी और समय का बर्बादी करार दिया है। कहते हैं हमें बिना नोटिस पीरियड वाली पॉलिसी पर विश्वास हैय़ उनका कहना है कि स्टार्टअप में उन लोगों की जरूरत होती है जो तुरंत जिम्मेदारी को उठाए। हर परिस्थिति में कंपनी के साथ रहे। लेकिन अब उनकी इसी सोच को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उक्त बातें The 15 चलानेवाले निखिल राणा ने अपने LinkedIn पर एक पोस्ट के जरिए दी है।
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छोटी नोटिस अनुपस्थिति बनी बड़ी वजह
दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक कर्मचारी ने एक इवेंट में शामिल होने में असमर्थता जताई। लेकिन कर्मचारी ने कहा कि अगर मैं दूर से कोई मदद कर सकूं तो बताना। साथी ही, उस कर्मचारी ने सोमवार तक पूरे काम कर दे देने की भरोसा भी दिया।। बावजूद निखिल राणा ने बिना किसी चर्चा के सीधे उसे नौकरी से निकाल दिया। उनका यह निर्णय कई लोगों को बहुत खराव लगा और इससे जल्दीबाजी में लिया गया फैसला लगा।
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लोगों ने कहा हमेशा काम के लिए AI बना है इंसान नहीं
जिसपर राणा ने बस दो शब्द में जबाव दिया, छोड़ दो। और लिखा तुम्हें नौकरी से निकाला जाता है। आज को अपना आखिरी दिन मानो। धन्यवाद। जिसके बाद तो मानिए पोस्ट के कमेंट सेक्शन में लोगों का गूस्सा फूट पड़ा। इसे एक खराब वर्क कल्चर करार दिया। तो किसी ने यह भी लिख दिया है कि हमेशा उपलब्ध रहने के लिए Artificial Intelligence बना है इंसान नहीं।
