Narayana Health: भारत में अब हेल्थकेयर सेक्टर में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बेंगलुरु में Airbound और Narayana Health के बीच एक खास ट्रायल किया गया, जिसमें अब तक 700 से ज्यादा ड्रोन फ्लाइट्स पूरी हो चुकी हैं।
बेंगलुरु में ड्रोन के जरिए मेडिकल सैंपल की डिलीवरी तेज हो गई है, जिससे मरीजों को जल्दी रिपोर्ट मिल रही है और अस्पतालों का काम आसान हुआ है।
यह ट्रायल जनवरी से चल रहा है। इसमें चंदापुरा के एक क्लिनिक से इलेक्ट्रॉनिक सिटी की लैब तक मेडिकल सैंपल भेजे जाते हैं। दूरी सिर्फ 4 किलोमीटर है, लेकिन बेंगलुरु के ट्रैफिक में यही सफर पहले काफी समय लेता था। अब ड्रोन के जरिए यही काम बहुत तेजी से हो रहा है और पूरे सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
READ MORE: Apple पर लगा टेक्नोलॉजी चोरी का आरोप, जानें पूरा मामला
10 मिनट में डिलीवरी
ड्रोन से सैंपल सिर्फ 10 मिनट में लैब तक पहुंच जाते हैं। पहले यही सैंपल दिन में 3 से 4 बार बैच में सड़क के जरिए भेजे जाते थे। अब रोजाना करीब 20 फ्लाइट्स हो रही हैं और हर बार 40 तक सैंपल भेजे जा रहे हैं।
- 700 से ज्यादा फ्लाइट्स पूरी कीं
- एक भी डिलीवरी फेल नहीं हुई
- लगातार ऑन-डिमांड सर्विस दी
सिर्फ तीन हफ्तों में ही Narayana Health ने इस रूट पर रोड ट्रांसपोर्ट पूरी तरह बंद कर दिया। अब लैब को पूरे दिन सैंपल मिलते रहते हैं, जिससे टेस्ट जल्दी शुरू हो जाते हैं और रिपोर्ट भी जल्दी आती है।
डॉक्टर देवी प्रसाद शेट्टी के अनुसार, टेक्नोलॉजी हेल्थकेयर की लागत कम करने में अहम भूमिका निभा रही है। पहले ट्रांसपोर्ट में समय और खर्च ज्यादा लगता था, लेकिन ड्रोन से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो रही है।
READ MORE: Nvidia ने Groq की AI चिप टेक्नोलॉजी ली लाइसेंस पर
अब आगे और शहरों में होगा विस्तार
अब इस प्रोजेक्ट को और बढ़ाने की योजना है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी से बनशंकरी तक नया ड्रोन रूट शुरू करने की तैयारी हो रही है, जो मंजूरी मिलने के बाद चालू होगा। Airbound के CEO नमन पुष्प ने कहा कि यह साबित हो चुका है कि ड्रोन डिलीवरी सिर्फ भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज के समय में भी सफलतापूर्वक काम कर रही है। आने वाले समय में इसे पूरे बेंगलुरु और फिर कोलकाता जैसे दूसरे शहरों में भी शुरू किया जा सकता है।
