Netflix यूजर्स याद रखें ये बातें! वरना तो हो जाएंगे बर्बाद

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Netflix user
December 3, 2024

स्कैमर्स ने अब स्कैम करने के लिए Netflix यूजर को निशाना बनाया है। अगर आप इससे अनजान हैं तो जल्दी से जान लीजिए स्कैमर्स का ये मास्टर प्लान

Netflix Scam:  Netflix दूनियाभर में काफी मशहूर ऐप है, लेकिन Netflix यूजर को अब सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि यूजर्स के साथ एक बड़ा घोटाला हो रहा है। ये स्कैम कोई और नहीं बल्कि साइबर क्रिमिनल कर रहे हैं। दरअसल,  BritDefender के सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने लोगों को Netflix Scam के बारे में अलर्ट किया है। उन्होंने बताया कि क्रिमिनल Netflix पर यूजर्स को फर्जी मैसेज भेजकर उनकी फाइनेंशियल डिटेल्स एक्सेस कर रहे हैं। हैकर्स का टारगेट Netflix यूजर्स के बैंक अकाउंट के साथ-साथ क्रेडिट और डेबिट कार्ड की जानकारी हासिल करना भी है।

Netflix यूजर्स को कर रहे टारगेट

स्कैमर्स यह घोटाला सितंबर से करते आ रहे हैं, जो अभी तक जारी है। इसमें जर्मनी और अमेरिका समेत 23 देशों के यूजर शामिल हैं। स्कैमर्स इनाम जीतने के बहाने यूजर्स को फर्जी लिंक भेजते हैं। इस स्कैम में Netflix यूजर्स को एक्सेस खोने जैसी बातें कही जाती हैं और उन्हें फंसाया जाता है।

स्कैमर्स यूजर को भेज रहे ऐसे मैसेज

1. Netflix: आपके भुगतान को संसाधित करने में कोई समस्या थी। अपनी सेवाओं को सक्रिय रखने के लिए, कृपया साइन इन करें और अपने विवरण की पुष्टि करें: http://account-details.com’

2. Netflix: आपके हाल ही के भुगतान में विफलता हुई है, जिससे आपकी चालू सेवाएं प्रभावित हुईं। विवरण 78hex4w.vitilme.info पर देखें

Netflix स्कैम को ऐसे पहचानें

  • Netflix यूजर्स को हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि Netflix अकाउंट से जुड़े ऐसे मैसेज नहीं भेजता है।
  • फर्जी मैसेज की पहचान गलत स्पेलिंग और व्याकरण वाले मैसेज से की जा सकती है। इस लिंक का Netflix से कोई संबंध नहीं है।
  • हैकर्स यूजर्स को अकाउंट की सुरक्षा को लेकर तुरंत कार्रवाई करने के लिए उकसाते हैं और फिर डेटा चुरा लेते हैं।

ऐसे करें खुद का बचाव

  • किसी भी संदिग्ध मैसेज को डिलीट कर दें।
  • अकाउंट की सेफ्टी के लिए टफ पासवर्ड बनाएं।
  • सिक्योरिटी के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को इनेबल करें।
  • Netflix अकाउंट की जानकारी के लिए केवल कंपनी के ऐप या फिर ऑफिशियल पेज पर जाएं।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 

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