बच्चों के लिए आया Kids Wallet ऐप, पेरेंट्स का रहेगा कंट्रोल

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बच्चों के लिए आया Kids Wallet ऐप, पेरेंट्स का रहेगा कंट्रोल
May 7, 2025

ग्रीस सरकार का यह नया ऐप बेहद आसान तरीके से काम करता है और माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर स्मार्ट कंट्रोल देता है।

Kids Wallets App: ग्रीस सरकार ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक खास मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसका नाम ‘Kids Wallet’ रखा गया है। इस ऐप का मकसद बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करना और यह सुनिश्चित करना है कि वह अपनी उम्र के मुताबिक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का यूज करें।

क्या है Kids Wallet’ ऐप का मकसद?

ग्रीस के डिजिटल गवर्नेंस मंत्री दिमित्रिस पापास्टरजियू ने इसे राजधानी एथेंस में पेश किया। उन्होंने बताया कि यह ऐप खासतौर पर पैरेंट्स की मदद के लिए तैयार किया गया है, ताकि वह अपने बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रख सकें।

मंत्री का कहना है कि ये ऐप दो बड़े काम करता है:

बच्चों की उम्र की पुष्टि: सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत उम्र बताकर अकाउंट बनाना मुश्किल होगा।

डिजिटल पहचान: आने वाले समय में यह ऐप सरकारी योजनाओं में एक डिजिटल पहचान के रूप में भी काम करेगा।

मातािता को मिलेगा डिजिटल कंट्रोल

‘Kids Wallet’ के जरिए अब माता-पिता तय कर पाएंगे कि उनका बच्चा कितनी देर तक फोन इस्तेमाल करेगा और किन ऐप्स तक उसकी पहुंच होगी। यह ऐप बच्चों को डिजिटल दुनिया में जिम्मेदारी से चलने की आदत भी सिखाएगा। ग्रीस का यह कदम बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और फैमिली लाइफ को संतुलित रखने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय प्रयास है।

Kids Wallet’ ऐप कैसे काम करता है?

ग्रीस सरकार का यह नया ऐप बेहद आसान तरीके से काम करता है और माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर स्मार्ट कंट्रोल देता है।

  • Kids Wallet ऐप ग्रीस के सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ा है, जिसे पहले से ही लोग टैक्स भरने और सरकारी कामों के लिए इस्तेमाल करते हैं।
  • माता-पिता इस ऐप को अपने बच्चे के फोन पर इंस्टॉल करते हैं और फिर अपनी टैक्स आईडी से लॉगइन करते हैं।
  • लॉगिन करने के बाद वे एक Parent-Child लिंक्ड अकाउंट बनाते हैं, जहां से वे बच्चे की एक्टिविटी को कंट्रोल कर सकते हैं।
  • इसके बाद माता-पिता तय कर सकते हैं कि बच्चा कौन-कौन से ऐप्स इस्तेमाल कर सकता है।
  • माता-पिता अपने सरकारी डॉक्युमेंट्स के जरिए बच्चे की उम्र की पुष्टि करते हैं। इसके बाद बच्चे के लिए एक डिजिटल पहचान (Digital ID) बन जाती है।

ऐप की खास बातें

  • स्वैच्छिक उपयोग: ऐप का उपयोग अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसे व्यापक रूप से अपनाए जाने की उम्मीद है।
  • आयु सीमा 15 वर्ष तक: 15 वर्ष की आयु तक माता-पिता की सहमति आवश्यक है।
  • सहयोग की अपील: सरकार ने बड़ी डिजिटल कंपनियों से ऐप का समर्थन करने की अपील की है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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