Google Chrome से चोरी हो रहा प्राइवेट डेटा, सरकार ने दी वॉर्निंग

4 mins read
928 views
Indian Government
January 27, 2025

सरकार ने Google Chrome यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है। दरअसल, Chrome में कुछ खामियां पाई गई हैं, जिससे लोगों और कंपनियों का डेटा चोरी हो सकता है।

Google Chrome : Laptop, Desktop और MacBook पर Google Chrome का इस्तेमाल करते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, सरकार ने इस ब्राउजर की दो खामियों को लेकर चेतावनी दी है। CERT-In ने कहा है कि इन खामियों के कारण हैकर्स सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं। वहीं, CERT-In ने इससे सेफ रहने के तरीके भी बताए हैं।

Google Chrome में कौन सी हैं दो खामियां

CERT-In ने कहा है कि वर्तमान में Google Chrome में CIVN-2025-0007 और CIVN-2025-0008 नाम की दो खामियां हैं। पहली खामी 132.0.6834.83/8r से पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए समस्या पैदा कर सकती है, जबकि दूसरी खामी 132.0.6834.110/111 से पुराने वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को प्रभावित करती है।

यूजर्स को क्या होगा नुकसान

Google Chrome में मौजूद इन खामियों के कारण हैकर्स सेंसेटिव इन्फोर्मेशन चुरा सकते हैं और वे सिस्टम की सुरक्षा को भी दरकिनार कर सकते हैं। यह व्यक्तिगत यूजर्स के साथ-साथ संगठनों के लिए भी बड़ा खतरा है। बता दें कि इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम से डेटा भी निकाल सकते हैं। हैकर्स किसी वेब पेज की मदद से इन सिस्टम तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं और फिर इसका यूज कर सकते हैं।

कैसे करें बचाव

इन खामियों से बचने के लिए CERT-In ने यूजर्स को Chrome का वर्जन अपडेट करने को कहा है। साथ ही, उन्हें जरूरी सिक्योरिटी पैच लगाने को भी कहा है। आमतौर पर यह भी सलाह दी जाती है कि यूजर्स को नियमित तौर पर Chrome और दूसरे ऐप्स को अपडेट करते रहना चाहिए। इससे न सिर्फ नए फीचर्स का फायदा मिलता है बल्कि ऐसी किसी भी खामी से निजात पाने में भी मदद मिलती है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

FBI
Previous Story

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए चेतावनी, न करें ये काम

Uber
Next Story

‘मेरा मन कर रहा है बाबू’… Uber ड्राइवर ने महिला को भेजा ऐसा मैसेज

Latest from Latest news

Snapdragon को सीधी चुनौती

Snapdragon को सीधी चुनौती! MediaTek Dimensity 9500s ने मचाया तहलका!

MediaTek Dimensity 9500s: MediaTek ने अपने टॉप सेगमेंट को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढा दिया है। कंपनी ने Dimensity 9500s पेश किया है। यह चिप कंपनी के पहले से मौजूद Dimensity 9500 का अपग्रेड है। यह उन स्मार्टफोन्स ते लिए
NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ

NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ वार! AI चिप्स पर लगाया 25% टैक्स!

US chip tariff 25 percent: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन्नत कंप्यूटिंग चिप्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आधिकारिक आदेश
technology

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 

Don't Miss